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    मुजफ्फरनगर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू:NGO की मदद से धर–पकड़, वैक्सीनेशन के बाद होगी ‘घर वापसी’

    8 hours ago

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    मुजफ्फरनगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों से परेशान गांधी कॉलोनी के निवासियों ने अब खुद समाधान की पहल की है। स्थानीय लोगों ने एक एनजीओ की मदद से स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी का अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करना और लोगों में व्याप्त डर को कम करना है। यह अभियान शुक्रवार को शुरू हुआ। अर्जुन फाउंडेशन की टीम ने गांधी कॉलोनी क्षेत्र से लगभग 10 स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ा। इन कुत्तों को नसबंदी और वैक्सीनेशन के लिए वातानुकूलित एनिमल एंबुलेंस के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें वापस उनके क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। अर्जुन फाउंडेशन के सदस्य डॉ. संदीप अरोरा ने बताया कि उनकी संस्था पिछले एक वर्ष से जनपद में सक्रिय है और अब तक लगभग 200 कुत्तों की नसबंदी करा चुकी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रतिदिन औसतन 10 कुत्तों को पकड़ेगी और यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कॉलोनी के सभी आवारा कुत्ते कवर नहीं हो जाते। डॉ. अरोरा ने स्पष्ट किया कि कानून के तहत किसी भी जानवर को उसके मूल स्थान से हटाया नहीं जा सकता। इसलिए, नसबंदी और वैक्सीनेशन ही इंसान और जानवरों के बीच बढ़ते टकराव को कम करने का एकमात्र प्रभावी उपाय है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था घायल या बीमार पशुओं के इलाज में भी सक्रिय भूमिका निभाती है और आवश्यकता पड़ने पर सरकारी व निजी अस्पतालों की मदद लेती है। गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष पवन छाबड़ा ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से कुत्तों और बंदरों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे निवासी परेशान हैं। प्रशासन से कई बार शिकायत के बावजूद तत्काल समाधान न मिलने पर अब जनसहयोग से यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से जल्द ही इलाके में राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अभियान न सिर्फ उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि बेजुबान जानवरों के लिए भी एक मानवीय पहल है, जिससे उन्हें सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण मिल सके।
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