Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मामला लीगल एक्टर अमित पांडे की नर्वसनेस पर तापसी बोलीं:घबराओ मत, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, मेरी भी हालत उन्हें देखकर खराब हो गई थी

    3 hours ago

    2

    0

    तुतलाने की वजह से बचपन में मजाक झेलने वाले अमित विक्रम पांडे ने स्टेज को अपनी ताकत बनाया। स्कूल परफॉर्मेंस से शुरू हुआ सफर उन्हें मुंबई तक ले गया, जहां उन्होंने मिठीबाई से मास कम्युनिकेशन पढ़ते हुए एक्टिंग का सपना जिया। पहला बड़ा ब्रेक तापसी पन्नू के साथ एक विज्ञापन में मिला, जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया। कोविड के दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज ‘मामला लीगल 2’ में ‘लॉ’ के किरदार से पहचान बना चुके हैं। सवाल: शुरुआत से बताइए, एक्टिंग की तरफ झुकाव कैसे हुआ? जवाब: बचपन में मैं तुतला कर बोलता था, इसलिए स्कूल में बच्चे मजाक उड़ाते थे। उस माहौल से बचने के लिए स्टेज पर जाने लगा—स्कूल फंक्शन्स, 15 अगस्त, 26 जनवरी परफॉर्म करता था। वहीं से कॉन्फिडेंस आया और लगा कि एक्टिंग ही करनी है।सवाल: तुतलाने की समस्या से कैसे बाहर निकले? जवाब: स्कूल के टीचर्स ने पेंसिल जीभ के बीच रखकर बोलने की प्रैक्टिस कराई। बाद में थिएटर जॉइन किया, जहां प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिली। धीरे-धीरे स्पीच साफ हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। सवाल: थिएटर ने आपके करियर को कैसे दिशा दी? जवाब: 9वीं क्लास से थिएटर शुरू किया और देशभर के फेस्टिवल्स में परफॉर्म किया। थिएटर ने डिसिप्लिन, ऑब्जर्वेशन और पर्सनालिटी डेवलपमेंट सिखाया। यहीं से तय हुआ कि इसी फील्ड में आगे बढ़ना है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: थिएटर करते-करते तय हो गया था कि प्रोफेशनल एक्टिंग करनी है। 2016 में मुंबई आया और मीठी भाई कॉलेज में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की। साथ में थिएटर और ऑडिशन करता रहा। सवाल: मुंबई में शुरुआती स्ट्रगल कैसा रहा? जवाब: आरामनगर में ऑडिशन के लिए लंबी लाइनें लगती थीं। छोटे कमरों के बाहर 50-100 लोग खड़े रहते थे। कई बार “नॉट फिट” सुनना पड़ा। एक बार लगा कि शायद मैं फिट नहीं हूं, लेकिन बाद में समझ आया कि यह किरदार के हिसाब से होता है। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला और क्या खास रहा? जवाब: मुझे पहला ब्रेक तापसी पन्नू के साथ कवरफॉक्स इंश्योरेंस के विज्ञापन में मिला था। यह मेरा पहला बड़ा ऑन-कैमरा एक्सपीरियंस था, जिसने इंडस्ट्री का असली माहौल समझाया। सवाल: तापसी पन्नू के साथ पहला शूट आपका हाइलाइट मोमेंट रहा, उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं बहुत घबड़ाया हुआ था। तापसी ने मेरी घबराहट दूर कर दी। उन्हें मेरी शक्ल पर दिख रहा था कि 17-18 साल का लड़का घबड़ाया हुआ है। शायद बड़े कैमरे को देखकर नर्वस था। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा और गोल-गोल सर्कल में घूमते हुए बोलीं- अभी मैं पिंक करके आ रही हूं, उसमे मेरे सामने अमिताभ सर थे, बच्चन सर को देखकर मेरी भी ऐसी ही हालत खराब हो गई थी। तुम जो फील कर रहे हो वो मैं समझती हूं, मैं अमिताभ बच्चन नहीं हूं, तुम्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सीन में हमें उन्हें डांटना था, लेकिन मैं घबरा रहा था। उन्होंने माहौल हल्का कर दिया, जिससे मैं खुलकर परफॉर्म कर पाया। उस दिन समझ आया कि बड़ा कलाकार सेट पर दूसरों को कितना कम्फर्टेबल बनाता है। सवाल: उस पहले ब्रेक के बाद करियर कैसे आगे बढ़ा? जवाब: उस एड के बाद कॉन्फिडेंस मिला। कॉलेज के दौरान थिएटर चलता रहा। फिर ‘छोटा भीम: द म्यूजिकल’ जैसा बड़ा स्टेज शो मिला, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकार साथ परफॉर्म करते थे। लेकिन कोविड आने पर सब रुक गया। सवाल: कोविड के समय आपने खुद को कैसे संभाला? जवाब: थिएटर पूरी तरह बंद हो गया। कई लोग शहर छोड़कर चले गए, लेकिन मैं रुका रहा। दादाजी की बात याद रही—“काम नहीं रुकना चाहिए।” वही मुझे मोटिवेशन देती रही। सवाल: कोविड के बाद करियर दोबारा कैसे शुरू हुआ? जवाब: कोविड के बाद ‘नेबर्स किचन’ शो मिला, जो हिंदुस्तान टाइम्स के लिए था। वहीं से काम की रफ्तार शुरू हुई। इसके अलावा 20-25 एड्स किए, जिनमें बड़े कलाकारों के साथ काम किया। सवाल: ‘मामला लीगल’ तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? जवाब: लगातार ऑडिशन दे रहा था। ‘मामला लीगल’ के लिए करीब 5 राउंड हुए। हर बार उम्मीद और डर रहता था, लेकिन आखिरकार सिलेक्शन हो गया। सवाल: सिलेक्शन का पता चला तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: मैं स्कूटर चला रहा था, तभी कॉल आया। गाड़ी साइड में रोकी। जैसे ही पता चला कि सिलेक्शन हो गया है, कुछ देर वहीं खड़ा रह गया… समझ नहीं आया क्या करूं। सवाल: उस पल में सबसे पहले किसका ख्याल आया? जवाब: सबसे पहले दादाजी याद आए। उन्होंने हमेशा कहा था- “जो तुम्हें खुशी दे, वही करना।” लेकिन उस दिन वो साथ नहीं थे… मैं उन्हें फोन नहीं कर पाया। यह सोचकर मैं बहुत रोया। फिर घर फोन किया, भाई-बहन को बताया। हम वीडियो कॉल पर खुशी से झूम रहे थे। वो पल मेरी जिंदगी का सबसे इमोशनल मोमेंट था। सवाल: ‘मामला लीगल 2' में आपका किरदार क्या है? जवाब: मैं ‘लॉ’ का किरदार निभा रहा हूं- एक सीधा और ईमानदार लड़का। पहले सीजन में इंटर्न था, लेकिन दूसरे सीजन में किरदार और जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। सवाल: इस शो के अलावा और कौन-कौन से प्रोजेक्ट किए हैं? जवाब: ‘मामला लीगल’ और ‘नेबर्स किचन’ के अलावा फिल्म ‘जस्सी वेड्स जस्सी’ में काम किया, जिसमें मेरा किरदार नेगेटिव शेड वाला था। इसके अलावा कई एड्स और एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर शॉर्ट फिल्म की है। साथ ही स्पोकन वर्ड और लाइव स्टोरीटेलिंग करता हूं, जहां अपनी लिखी कहानियां परफॉर्म करता हूं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    NIT की स्टूडेंट ने फ्रेंड को किया आखिरी मैसेज:और नही हो पा रहा लिखकर किया डिलीट; फंदे पर लटकी मिली, पिता बोले-बेटी सुसाइड नहीं करेगी
    Next Article
    ट्रम्प बोले- ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका लाएंगे:साथ मिलकर परमाणु ठिकानों की खुदाई करेंगे; ईरान बोला- हमारा यूरेनियम कहीं ट्रांसफर नहीं होगा

    Related मनोरंजन Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment