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    मानव-वन्यजीव संघर्ष घटाने मंकी हैंडलिंग का प्रशिक्षण:चित्रकूट में किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान, विशेषज्ञों ने दी जानकारी

    13 hours ago

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    चित्रकूट के प्रसिधपुर गांव में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और बंदरों को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के मार्गदर्शन और प्रभागीय वनाधिकारी के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में किसान सभा के अध्यक्ष, विभिन्न ब्लॉकों से ग्राम विकास विभाग के दो-दो प्रतिनिधि, प्रत्येक वन क्षेत्र से दो-दो प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए जनपद स्तर पर एक समन्वित कार्ययोजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित व्यक्तियों की टीम तैयार की जा रही है। मथुरा से आए विशेषज्ञ मोहम्मद आरिफ ने प्रशिक्षणार्थियों को बंदरों से अपनी सुरक्षा करने, उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से पकड़ने और बचाव व नियंत्रण की व्यावहारिक विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मौके पर इसका सीधा प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि अन्य जनपदों से बंदरों को लाकर क्षेत्र के जंगलों में छोड़े जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस पर प्रभागीय वनाधिकारी ने पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक रोकथामात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। बंदर नियंत्रण के लिए रेस्क्यू वैन की व्यवस्था हेतु जिलाधिकारी से समन्वय कर निर्णय लिया जाएगा। वन विभाग के पास वर्तमान में बंदर नियंत्रण के लिए कोई अलग वित्तीय प्रावधान नहीं है। शासनादेश के अनुसार, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। इस विषय को उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा। भविष्य की कार्ययोजना के तहत, प्रत्येक चयनित गांव में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित "मंकी नियंत्रक" तैयार किए जाएंगे। इससे कम लागत में बंदरों की समस्या का समाधान हो सकेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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