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    मिर्जापुर भाजपा कमेटी में आपराधिक पृष्ठभूमि वालों के लेकर बवाल:जिलाध्यक्ष ने कहा- बदनाम करने की साजिश; पहले भी सदस्य रहे

    1 hour ago

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    मिर्जापुर में भाजपा की नई जिला कार्यसमिति के गठन के बाद विवाद गहरा गया है। आरोप है कि नई टीम में कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। यह नई कार्यसमिति 21 मार्च को घोषित की गई थी, जिसमें कई पुराने चेहरों को हटाकर नए लोगों को शामिल किया गया है। हालांकि, घोषणा के कुछ ही दिनों बाद इस टीम की संरचना पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिला उपाध्यक्ष, जिला महामंत्री और सदस्य स्तर पर ऐसे व्यक्तियों को पद दिए गए हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा विवाद श्याम सिंह यादव के जिला मंत्री पद देने पर है। श्याम सिंह यादव कटरा कटर कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रामदुलारे चौधरी के भतीजे की 22 अप्रैल 2008 में हत्या हुई थी। इस मामले में श्याम सिंह यादव को भी आरोपी बनाया गया था। इसी मामले को भाजपा के अंदर से ही तूल दिया जा रहा है वहीं, जिला उपाध्यक्ष गौरव ऊमर पर शहर कोतवाली में हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज होने का आरोप है। इसी तरह, जिला महामंत्री डॉ. सी.एल. बिंद पर देहात कोतवाली में धारा 304(ए) के तहत मामला दर्ज बताया जा रहा है। कार्यसमिति सदस्य चंद्रभूषण उपाध्याय पर मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के विभिन्न थानों में लगभग 10 मुकदमे दर्ज होने का आरोप है। इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर दो गुटों में विभाजन दिख रहा है। एक ओर कुछ कार्यकर्ता इन नियुक्तियों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संबंधित पदाधिकारी अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश करार दे रहे हैं। इस विवाद के बीच, श्याम सिंह यादव ने कहा कि उनके खिलाफ 2008 में दर्ज मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि वह लगातार संगठन में सक्रिय रहे हैं और 6 वर्षों तक व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक भी रहे हैं। यादव ने आरोप लगाया कि नई टीम बनने के बाद कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष गौरव ऊमर ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उनके खिलाफ दर्ज धारा 307 विवेचना के दौरान हटा दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला आपसी विवाद से संबंधित था। इस पूरे विवाद पर भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आने के बाद पार्टी के उच्च नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि उच्च नेतृत्व से जो भी आदेश प्राप्त होगा, उसका पालन किया जाएगा।
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