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    मेरठ में शिव कथा में गूंजा आध्यात्मिक संदेश:डॉ. सर्वेश्वर बोले- पूर्ण सद्गुरु ही करवा सकते हैं परमात्मा से मिलन

    2 hours ago

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    गढ़ रोड स्थित बुद्धा गार्डन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री शिव कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष संगम देखने को मिला। कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उसमें निहित गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती जीवात्मा का और भगवान शिव परब्रह्म परमेश्वर का प्रतीक हैं। इस विवाह प्रसंग के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जीव का परमात्मा से मिलन केवल पूर्ण सद्गुरु के मार्गदर्शन में ही संभव है। उन्होंने कहा कि सच्चे गुरु के बिना आध्यात्मिक यात्रा अधूरी रहती है। कथाव्यास ने महाराज हिमवान द्वारा विवाह के अवसर पर किए गए गोदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गोदान की परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा की शुद्ध देसी नस्ल की गाय भारतीय संस्कृति का आधार है। देसी गाय को आर्थिक समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए उन्होंने इसे ‘कामधेनु’ के समान बताया। उन्होंने जानकारी दी कि संस्थान द्वारा “कामधेनु” प्रकल्प के तहत देश के विभिन्न राज्यों में गोशालाओं का निर्माण कर साहीवाल, गीर, कांकरेज, थारपारकर जैसी देसी नस्लों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है, ताकि भारतीय संस्कृति में गौमाता का गौरव पुनः स्थापित हो सके। कार्यक्रम के दौरान वाद्य-वृंदों द्वारा प्रस्तुत गौ-वंदना गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। जिनमें हेमंत चावला, नुपुर झोरी, नीरज सिंघल, अंकित शर्मा, डॉ. ओमकार गुप्ता, सुभाष चंद्र विश्नोई, अलका विश्नोई, संजय रस्तोगी, गीता पुंडीर, डॉ. हर्ष यादव, विशाल कपूर, सुनील चौधरी, विजयत लाख और डॉ. मुकेश प्रमुख रहे। संस्थान के प्रतिनिधि स्वामी नरेशानंद जी ने बताया कि ये कथाएं दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में आयोजित होती हैं, जिनका उद्देश्य प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना है।
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