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    Muharram के जुलूस में इम्युनिटी बूस्टर के नाम पर बांटा चूहे मारने का जहर, आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट

    15 hours ago

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    मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार को एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से बाल-बाल बच गई। पुलिस ने ऐन वक्त पर मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शख्स को दबोच लिया, जो भीड़ में जहर की गोलियां बांट रहा था। भायखला इलाके से फैयाज प्रेमजी नाम के इस आरोपी को हिरासत में लिया गया है। यह एक्शन तब हुआ जब उसकी दी हुई गोलियां खाने के बाद करीब एक दर्जन लोग अचानक बीमार पड़ गए।चूहे मारने वाला खतरनाक केमिकल और आरोपी का कबूलनामाजांच में सामने आया है कि इन कैप्सूल्स में 'जिंक फॉस्फाइड' नाम का एक बेहद खतरनाक केमिकल मिलाया गया था, जिसका इस्तेमाल चूहे मारने वाले जहर में होता है। पुलिस कस्टडी में आरोपी प्रेमजी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि उसका इरादा उस दिन जुलूस में शामिल हजारों लोगों को जहर देकर मारने का था। बीती रात कोर्ट ने आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।इम्युनिटी बूस्टर के नाम पर परोसा जा रहा था मौत का सामानआरोपी फैयाज प्रेमजी रे रोड पर रहमताबाद कब्रिस्तान के पास आशूरा के जुलूस में शामिल लोगों को ये गोलियां बांट रहा था। उसने भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए इन जहरीली गोलियों को पेनकिलर और इम्युनिटी बूस्टर बताकर लोगों को दे दिया। गोलियां खाने के बाद कम से कम 11 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत पास के हॉस्पिटल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि अब सभी खतरे से बाहर हैं। बीमार पड़े लोगों में से एक सलमान सैयद ने बताया कि गोली खाने के बाद उसके पेट में तेज दर्द और उल्टी होने लगी थी। इसे भी पढ़ें: Ketan Agarwal Murder: कातिल मंगेतर को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची पुलिस, सीन रीक्रिएट कर समझी मर्डर की पूरी टाइमलाइनपुलिस का बड़ा एक्शन, 14,900 जहरीले कैप्सूल्स जब्तडिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जयंत मीणा ने कन्फर्म किया कि आरोपी ने कैप्सूल्स में खतरनाक जिंक फॉस्फाइड मिक्स किया था और उसके पास दवाइयां बांटने का कोई लीगल लाइसेंस या अथॉराइजेशन नहीं था। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी के पास से करीब 14,900 कैप्सूल्स का स्टॉक जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी काफी मात्रा में ये गोलियां लोगों को बांट चुका था। इतना ही नहीं, डीसीपी मीणा ने बताया कि आरोपी ने 30,000 खाली कैप्सूल्स और 50 किलो फास्फोरस का ऑर्डर भी पहले से दे रखा था।महिलाओं ने ऐसे बचाई 15 हजार लोगों की जानशुक्रवार को एक बड़ी तबाही को रोकने का पूरा क्रेडिट तीन महिला वॉलेंटियर्स को जाता है। इनमें से एक महिला ने आरोपी को बेहद संदेहास्पद तरीके से गोलियां बांटते हुए स्पॉट किया था। महिलाओं ने तुरंत उसे रोका और पुलिस को इन्फॉर्म किया। इसके साथ ही लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट करके लोगों को वो गोलियां न खाने की वॉर्निंग दी गई। जब महिलाओं ने आरोपी से पूछताछ की, तो उसने इसे इम्युनिटी बूस्टर बताया। लेकिन शक होने पर महिलाओं ने एक कैप्सूल को खोलकर देखा, जिसके अंदर पाउडर मिला। उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और प्रेमजी को मौके पर ही पकड़वा दिया। इसे भी पढ़ें: Punjab को Arvind Kejriwal की 5 सौगातें, अमृतसर में बनेगा माता जानकी और लव-कुश का भव्य मंदिरबीबीए ग्रेजुएट है आरोपी, टेरर लिंक की जांच शुरूपूछताछ में आरोपी ने कबूला, "मैं जुलूस में शामिल कम से कम 15,000 लोगों को जान से मारना चाहता था।" पुलिस ने बताया कि आरोपी एक बीबीए ग्रेजुएट है और उसकी फॉरेन ट्रेवल हिस्ट्री भी सामने आई है। एक सीनियर अफसर के मुताबिक, वह पहले ईरान और इराक भी जा चुका है। भायखला पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 123 (जहर आदि देकर चोट पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरी साजिश के पीछे किसी संभावित टेरर लिंक या मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।कितना डेंजरस है जिंक फॉस्फाइड?जिंक फॉस्फाइड एक बेहद टॉक्सिक और जानलेवा केमिकल है। इसे खाने के बाद यह पेट के एसिड के साथ रिएक्ट करके फॉस्फीन गैस बनाता है। यह गैस इंसानी शरीर के लिए इतनी खतरनाक है कि यह सीधे दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी और दिमाग पर अटैक करती है। सबसे बुरी बात यह है कि इस जहर का कोई स्पेसिफिक एंटीडोट नहीं है। ऐसे मामले में मरीज को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना ही एकमात्र रास्ता होता है, जहां लक्षणों के आधार पर इलाज और वेंटिलेटर सपोर्ट देकर ही किसी की जान बचाई जा सकती है।
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