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    नोएडा में घरेलू सहायिका और गिग वर्कस सड़कों पर:तय घंटे, बेहतर वेतन और सम्मान की मांग, कई सोसाइटी में काम पर नहीं पहुंची

    5 hours ago

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    सैलरी बढ़ोतरी व कई अन्य मांगों को लेकर सोसाइटी में काम करने वाली घरेलू सहायिका अब सामने आने लगी है। मंगलवार और बुधवार को सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया। इसके चलते सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन और सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर प्रदर्शन हाने के बाद बुधवार को भी सेक्टर-137 में घरेलू सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन पूर्वांचल सोसाइटी, इकोसिटी सोसाइटी व आसपास की अन्य हाउसिंग सोसाइटी के बाहर किया जा रहा है। घरेलू सहायिकाओं ने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। घंटे और वेतन तय किया जाए घरेलू सहायिकाओं का कहना है कि उन्हें काम के बदले उचित वेतन नहीं मिल रहा है, साथ ही कई जगहों पर काम के घंटे भी तय नहीं हैं। इसके अलावा सोसाइटी के कड़े नियम-जैसे प्रवेश-निकास की पाबंदियां, पहचान पत्र की अनिवार्यता और लिफ्ट के उपयोग पर भी प्रतिबंध है। जिसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ साहिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता है। महिला गिग वर्कर्स ने किया प्रदर्शन सेक्टर-60 में स्थित अर्बन कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर के बाहर बुधवार सुबह करीब 40 महिला गिग वर्कर्स ने प्रदर्शन किया। ये महिलाएं घरेलू सेवाएं (ब्यूटी, मसाज, क्लीनिंग आदि) देने वाली अर्बन कंपनी से जुड़ी हैं। उन्होंने सैलरी बढ़ाने की बजाय निश्चित काम के घंटे, बुनियादी सुविधाएं और महिला-विशेष जरूरतों का सम्मान मांगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य शिकायत यह है कि प्लेटफॉर्म पर कोई फिक्स्ड वर्किंग आवर्स नहीं हैं। 11 घंटे काम फिर नहीं मिलता सम्मान अक्सर उन्हें 11 घंटे तक काम करना पड़ता है, जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक आठ घंटे का प्रावधान है। ग्राहकों के घरों के बीच घूमने के कारण बैठने की जगह, पीने का पानी या वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। कई बार ग्राहक वॉशरूम इस्तेमाल करने से मना कर देते हैं।
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