Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ननद UPPCS में डिप्टी एसपी, भाभी कमर्शियल टैक्स अफसर बनीं:प्रयागराज में पति बोले- मम्मी-पापा ने बहू को बेटी समझा

    5 hours ago

    2

    0

    प्रयागराज की आकृति शुक्ला ने 2 बार यूपीपीसीएस की परीक्षा दी। दोनों बार प्रीलिम्स से ही बाहर हो गईं। इस दौरान उनके भाई अमित की शादी हुई। भाभी श्रेया शर्मा घर आ गईं। वह भी यूपीपीसीएस की तैयारी कर रही थीं। अब दोनों एक-दूसरे का सहारा बनीं। आकृति के जो सब्जेक्ट कमजोर थे, उनमें श्रेया ने मदद की और जो सब्जेक्ट श्रेया के कमजोर थे, उसमें आकृति मदद करने लगी। सास-ससुर ने भी बहू को बेटी की तरह समझा। आकृति और श्रेया को घर के कामों से फ्री रखा। नतीजा ये हुआ कि यूपीपीसीएस-2024 के रिजल्ट में आकृति शुक्ला डिप्टी एसपी बन गईं हैं, उनकी भाभी श्रेया कमर्शियल टैक्स ऑफिसर। अब परिवार में जश्न का माहौल है, लेकिन लोगों में मन में एक सवाल ये जरूर है कि आकृति और श्रेया किस तरह एक-दूसरे का सहारा बनकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं। दैनिक भास्कर ने दोनों कैंडिडेट के परिवार से बात की। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं… जौनपुर में पुश्तैनी घर, परिवार अब प्रयागराज में रह रहा प्रयागराज में मम्फोर्डगंज मोहल्ला है। यहीं अखिलेश शुक्ला अपने परिवार के साथ रहते हैं। अखिलेश का पुश्तैनी घर जौनपुर के सुजानगंज इलाके के बर्जी कला गांव में है। वह प्रयागराज में ही कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स में सीनियर ऑडिटर के पद पर रहे थे। यहीं अपना घर बनाया और परिवार के साथ रहने लगे। घर में उनकी पत्नी के अलावा बेटे अमित और बेटी आकृति शुक्ला हैं। अखिलेश के दो बड़े भाई भी सरकारी नौकरी में रहे, वह भी मम्फोर्डगंज में ही रहते हैं। भाई सरकारी जॉब में, पहले से पढ़ाई का माहौल था… हमने अखिलेश से पूछा- घर में पढ़ाई का इतना अच्छा माहौल कैसे बना? वह कहते हैं- हमारे घर में भाई सरकारी नौकरी में रहे हैं, इसलिए पढ़ाई का माहौल पहले से बना हुआ था। अमित और आकृति ने जो भी पढ़ाई करनी चाही, हमने उन्हें कभी नहीं रोका। बस यही देखा कि क्या ये पढ़ाई उचित है या फिर नहीं। आकृति ने सेंट मैरी कॉन्वेंट से शुरुआती पढ़ाई की। फिर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी किया। इसके बाद वह तैयारी में जुट गई। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की भी पढ़ाई करने लगी। 2 बार यूपीएससी दिया, सफलता नहीं मिली अखिलेश शुक्ला की बहू श्रेया इस वक्त कर्नाटक के बेंगलुरू में PAG कार्यालय में ऑडिटर के पद पर तैनात हैं। वहीं पर अपने पति अमित के साथ रहती हैं। अमित AI इंजीनियर हैं। हमने श्रेया से फोन पर बात की। हमने पूछा- पढ़ाई में आपका बैकग्राउंड कैसा रहा है? वह बताती हैं- मेरा घर लखनऊ के आशियाना में है, मैंने लॉ मार्टिनियर कॉलेज से पढ़ाई की। लखनऊ की डॉ. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग की। 2019 में पढ़ाई पूरी हो गई। उसी वक्त सोच लिया था कि अब सिविल सेवा की तैयारी करनी है। हमने पूछा- आपने कितने अटेम्ट दिए? श्रेया बताती हैं- मेरे पापा संजय शर्मा रेलवे में नौकरी करते थे, भाई शुभम भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कर रहा था। उसने मुझे बहुत मोटिवेट किया। उसे मुझपर भरोसा था, कहता था कि तुम कर जाओगी। मैंने यूपीएससी की दो बार परीक्षा दी, दोनों ही बार सफलता नहीं मिली। उसके बाद तय किया कि अब यूपीपीसीएस एग्जाम देंगे। 2023 में प्री परीक्षा पास कर ली, एक उम्मीद जग गई। लेकिन मेंस नहीं निकला। इस तरह से एक बार फिर से मन निराश हो गई। ननद 2 बार प्री से बाहर, इसलिए कॉन्फिडेंस कम हो गया हमने पूछा- फिर शादी होने के बाद कैसे तैयारी की? वह कहती हैं- 20 अप्रैल, 2025 को मेरी अमित से शादी हो गई। मैं प्रयागराज में अपनी ससुराल में रहने के दौरान भी लगातार तैयारी करती रही। उस वक्त एक पल के लिए भी नहीं लगा कि मैं अपने ससुराल में हूं। जैसे लखनऊ में अपने घर पर पढ़ाई करती थी, वैसे ही वहां भी कर रही थी, अच्छी बात तो यह थी कि वहां मुझे ननद आकृति के रूप में एक साथी मिल गई थी। हम दोनों में एक कंपटीशन शुरू हो गया। राइटिंग स्किल से लेकर टिपिकल सब्जेक्ट पर हम एक दूसरे की मदद करने लगे। ननद का दोस्त की तरह साथ मिला, ये मददगार रहा हमने पूछा- ये सब कितना मददगार हुआ? वह कहती हैं- आकृति दो बार यूपी पीसीएस की परीक्षा में बैठ चुकी थीं, लेकिन दोनों ही बार वह प्री से बाहर हो गई थी। उनका मनोबल टूट सा गया था। परिवार में बाकी लोगों ने उन्हें हिम्मत दी। पिता अखिलेश कहते कि ये आसान नहीं है, थोड़ा ज्यादा मेहनत तो लगेगी। अब चूंकि घर में मैं भी आ गई थी, इसलिए आकृति की हिम्मत बढ़ गई। हम दोनों दोस्तों की तरह रहने लगे। इससे पढ़ाई में भी मदद मिली। पति बोले- घर में मम्मी-पापा ने बहू को बेटी समझा हमने घर के माहौल को लेकर श्रेया के पति अमित शुक्ला से बात की। अमित कहते हैं- मेरे घर में कभी भी किसी पर प्रेशर नहीं बनाया गया। जब श्रेया यहां आई तो मम्मी-पापा ने उन्हें बेटी की तरह समझा। जितनी आजादी आकृति को थी, उतनी ही श्रेया को भी मिली थी। घर के काम को भी दोनों ने अपने हिसाब से मैनेज कर लिया था। मम्मी भी अक्सर मदद करती थीं। पापा तो हमेशा कहते थे कि आप लोग अपनी पढ़ाई पर फोकस करिए। अमित आगे बताते हैं- जिस वक्त हमारी शादी हुई थी, उस वक्त आकृति और श्रेया दोनों ने ही प्री परीक्षा दी थी। दोनों मेंस के लिए क्वॉलिफाई कर गईं। मेंस के लिए इन लोगों ने नोट्स वगैरह बनाए थे। किसी पार्टिकुलर कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि दोनों लोग ही एक दूसरे की मदद कर देते थे। दोनों का मेंस भी निकल गया। यह पहली बार हुआ था। हम लोगों को तो लग रहा था कि इनका सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन दोनों को डर लग रहा था, ऐसा होना स्वाभाविक भी था। आकृति की तीसरी रैंक, श्रेया को 37वीं रैंक मिली 29 मार्च की रात को यूपीपीसीएस का परिणाम आया। आकृति शुक्ला डिप्टी एसपी बनीं। डिप्टी एसपी सूची में उनकी तीसरी रैंक आई। श्रेया शर्मा कमर्शियल टैक्स ऑफिसर बनीं। उनकी इस कैटेगरी में उनकी 37वीं रैंक है। जैसे ही परिवार में बाकी लोगों को जानकारी मिली, सब खुशी से झूम उठे। अखिलेश शुक्ला बोले- हमारा बड़ा सपना पूरा हो गया। एक ही दिन बेटी-बहू दोनों ने नाम रोशन कर दिया। हर घर को ऐसी बेटियां मिले। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए... ………………. ये पढ़ें - कान पकड़कर उठक-बैठक करने वाले IAS का इस्तीफा:यूपी में रिंकू सिंह 8 महीने से साइडलाइन थे; कहा- सैलरी मिली, लेकिन काम नहीं यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को नौकरी से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लेटर में आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर (पैरलल) एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल रहा था। हालांकि, राजस्व परिषद के अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे को रिंकू सिंह ने अपना नैतिक फैसला बताया। रिंकू को 8 महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें फील्ड में कोई पोस्टिंग नहीं मिली थी। पढिए पूरी खबर...
    Click here to Read more
    Prev Article
    'अमिताभ बच्चन की भी एक किडनी है, कुछ नहीं होगा':8वीं पास सरगना ने MBA स्टूडेंट का ब्रेनवॉश किया, कानपुर में रात में होता था ऑपरेशन
    Next Article
    योगी की मां को अपशब्द कहने वाले मौलाना को जेल:लंगड़ाते दिखा; हाथ जोड़कर बोला- जुबान फिसल गई, CM साहब माफ करिए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment