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    NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले-पुलिस ने कल हमारे साथ गलत किया:मनरेगा को लेकर पीएम जनसंपर्क कार्यालय जा रहे थे, पुलिस ने घसीटकर गाड़ी में बैठाया

    1 hour ago

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    वाराणसी में रविवार को एनएसयूआई और कांग्रेस के नेता बीएचयू के सिंहद्वार से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस से धक्का-मुक्की के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सड़क पर गिर पड़े और उन्हें घसीटकर पुलिस वैन में बैठाया गया। इसमें कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। एक कार्यकर्ता का अंगूठा फट गया है। वही, पुलिस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पुलिस से धक्का-मुक्की, शांति व्यवस्था बिगाड़ने और सड़क जाम करने का आरोप लगाकर लंका थाने की पुलिस ने देर रात एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित 30 कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। लेकिन इस कारवाई को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। सबसे पहले जानिए विरोध मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने क्या कहा... प्रदेश अध्यक्ष वरूण चौधरी ने कहा- जिस तरह से हमारा मार्च था, वह पूरी तरह शांतिपूर्ण था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने जिस तरीके से कार्रवाई की, वह बेहद निंदनीय है। हमने उत्तर प्रदेश के गरीबों और वंचित वर्गों के हित में मनरेगा योजना को खत्म किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया था। यह मार्च बीएचयू कैंपस के अंदर से शुरू होकर प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय तक जाना था। लेकिन एक दिन पहले से ही पुलिस ने हमारे छात्र-छात्राओं को उनके घरों और हॉस्टलों में नजरबंद करना शुरू कर दिया। हॉस्टलों में फोन करके धमकियां दी गईं। छात्रों को जबरन डिटेन किया गया। जो छात्र पीजी में रहते थे, उनके पीजी मालिकों को धमकाया गया कि अगर छात्रों को नहीं निकाला गया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का व्यवहार मैंने अपने जीवन में कभी किसी पुलिस अधिकारी द्वारा नहीं देखा। मेरे साथ और अन्य छात्रों के साथ जिस तरह की बर्बरता बीएचयू कैंपस के अंदर की गई, वह दर्दनाक है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा जहां तक मनरेगा का सवाल है, हम इस लड़ाई को लगातार लड़ते रहेंगे। यह लड़ाई हमने बनारस से शुरू की है, क्योंकि बनारस हमेशा से क्रांति की भूमि रही है। खास तौर पर इसलिए भी कि देश के प्रधानमंत्री देश और विदेश में लोकतंत्र की बात करते हैं और खुद को गरीबों का हितैषी बताते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने गरीबों का हक छीना है। NSUI प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ ने कहा - हम सभी शांति मार्च निकाल रहे थे लेकिन पुलिस ने मुझे पहले गिराया और फिर घसीटते हुए गाड़ी में बंद किया जो लोकतंत्र की हत्या है। छात्रों को रात में कैंपस से उठाया गया इतना ही नहीं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी मारा गया। आज हम सभी पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देने जायेंगे और मांग करेंगे कि जिन पुलिसकर्मियों ने यह कारवाई की उनपर कारवाई की जाये। ऋषभ ने कहा कि हमारी लड़ाई अब लगातार जारी रहेगा जबतक मनरेगा पुनः शुरू नहीं होगा। अब जानिए रविवार को क्या हुआ कांग्रेस व एनएसयूआई के कार्यकर्ता रविवार की दोपहर संसदीय जनसंपर्क कार्यालय को घेरने जा रहे थे। कार्यकर्ता बीएचयू परिसर से निकलकर सिंहद्वार के तरफ जा रहे थे। क्योंकि उनको सिंहद्वार से तीन किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को घेरने के लिए जाना था। इस बीच पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाया और किसी को बाहर न जाने के लिए कहा लेकिन संगठन के कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं हो सके। इस कारण पुलिस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को रोकने का प्रयास किया तो वे जमीन पर गिर पड़े वहीं कुछ कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए गाड़ी में बंद किया गया। इनकी हुई गिरफ्तारी एनएसयूआई के अध्यक्ष वरुण चौधरी, अमित द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, आफताब, राजीव नयन, मिहिर उपाध्याय, रोशन पांडेय, राजेश, ऋषभ पांडेय, प्रियांशु सोनकर, राहुल पवारा, आदित्य सिंह, आलोक रंजन, आयुष मिश्रा, शिवम पांडेय, नीरज राय, गौरव पुरोहित, निलय, करण चौरसिया, लकी पांडेय, पुष्पराज यादव, तुषार कुमार, शशांक शेखर सिंह, गाजी, सुमन आनंद, संदीप पाल, शांतनु सिंह, अखिलेश यादव और कुमार आदित्य चौधरी। पुलिस आयुक्त भी सड़क पर उतरे, कहा-कोई जबरदस्ती करे तो कड़ी कार्रवाई करें हालात को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल सड़क पर उतरे और पुलिसकर्मियों को आदेश दिया कि अगर कोई जबरदस्ती करे तो उसके खिलाफ बल प्रयोग करें। उधर, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के बाहर तीन थानों की पुलिस तैनात रही। आरएएफ को भी तैनाती दी गई। पुलिस बोली-आरोपियों ने बैरियर गिराया, हाथापाई की लंका थाने के प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। थे। उन्होंने सड़क पर लगे बैरियर को जबरन गिराते हुए प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय की तरफ जाने का प्रयास किया। रोकने पर पुलिसकर्मियों से हाथापाई की। गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़ सहित बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली के निवासी शामिल हैं। प्रियंका और जयराम ने जताई नाराजगी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। कहा कि पुलिस की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
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