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    पंजाब में चुनाव से पहले धमाकों का ट्रेंड पुराना:2 बार ब्लास्ट हुआ तो सरकार बदल गई; एक्सपर्ट से जानिए क्या AAP को भी नुकसान होगा

    9 hours ago

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    ये BJP का स्टाइल है। चुनाव वाले स्टेट में ब्लास्ट और दंगे करा दो। BJP की पंजाब इलेक्शन की तैयारी है। BJP पंजाबियों को डराकर वोट लेना चाहती है पंजाब में मंगलवार रात जालंधर BSF हेडक्वार्टर और अमृतसर आर्मी कैंप के बाहर 3 घंटे में 2 ब्लास्ट के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चला रहे CM भगवंत मान ने यह बयान दिया। इससे BJP पंजाब से लेकर दिल्ली तक एग्रेसिव मोड में आ गई। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने तो यहां तक चैलेंज कर दिया कि अगर ब्लास्ट BJP ने कराए तो मुझ पर FIR कर दो। AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा- पंजाब के DGP कह रहे कि ब्लास्ट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है तो CM भगवंत मान को PAK को क्लीन चिट देने की इतनी जल्दी क्यों है? ISI की गोद में बैठने क्यों जा रहे हैं? इन्हें लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव से पहले ब्लास्ट होने का यह ट्रेंड नया नहीं है। 2017 और 2022 में भी चुनाव से पहले ब्लास्ट हुए। दोनों बार पंजाब की सरकार बदल गई। तब भी कमजोर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार के खिलाफ नैरेटिव बिल्ड कर सत्ता विरोधी लहर तैयार करने में ब्लास्ट अहम साबित हुए। पंजाब में चुनाव से पहले कब-कब ब्लास्ट हुए, किस पार्टी की सरकार बदली और किसे फायदा हुआ? ब्लास्ट से मौजूदा सरकार को क्या नुकसान? ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, पिछले 2 विधानसभा चुनाव में ब्लास्ट के बाद कैसे बदली सरकारें 2017: वोटिंग से 4 दिन पहले धमाका, अकाली दल 10 साल बाद सत्ता से बाहर पंजाब में 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल+भाजपा गठबंधन की सरकार रही। 4 फरवरी को पंजाब में वोटिंग होनी थी। इसके ठीक 4 दिन पहले 31 जनवरी को बठिंडा के मौड़ मंडी कस्बे में कार में ब्लास्ट हो गया। जहां ब्लास्ट हुआ, वहां अकाली+भाजपा गठबंधन की रैली थी। इस ब्लास्ट में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई। ब्लास्ट से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कांग्रेस ने एग्रेसिव ढंग से मामला उठाया। इसका लाभ कांग्रेस को मिला और वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई में 117 में से 77 सीटें जीतकर सत्ता में आ गई। अकाली दल को सिर्फ 15 सीटें मिलीं और वह विपक्षी दल के लायक भी नहीं रहा। तब 20 सीटें जीतकर AAP प्रमुख विपक्षी दल बना। हालांकि, उस वक्त अकाली दल के खिलाफ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड से भी माहौल बना हुआ था। 2022: चुनाव आचार संहिता से 16 दिन पहले ब्लास्ट, AAP सत्ता में आई फिर साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले भी ब्लास्ट हुआ। तब आचार संहिता लगने ही वाली थी कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट कॉम्लैक्स में IED ब्लास्ट हो गया। इसके 16 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। उससे पहले ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर घिर गई। ये मुद्दा पंजाब से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंच गया। चन्नी को CM बने महज 3 महीने ही हुए थे तो उनके पास इसे काउंटर करने के लिए पर्याप्त मौका नहीं था। ऐसे में जब 20 फरवरी को वोटिंग हुई तो पंजाबियों ने पंजाब की पारंपरिक पार्टियों अकाली दल के बाद कांग्रेस से भी भरोसा खो दिया। 10 मार्च 2022 को जब काउंटिंग हुई तो आम आदमी पार्टी (AAP) ने लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल करते हुए 117 में से 92 सीटें जीत लीं। कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि, तब पंजाब में बदलाव और अकाली-कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टी को एक मौका देने का भी माहौल बना था, जो बंपर जीत की बड़ी वजह बना। इस बार चुनाव से पहले 5 महीने में 5 ब्लास्ट, सत्ता में AAP पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इसके लिए चुनाव आचार संहिता इसी साल के अंत या फिर 2027 के शुरूआती महीनों में लग सकती है, क्योंकि इस सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म होना है। इससे पहले ही 5 महीने में 5 ब्लास्ट हो चुके हैं। पहले चंडीगढ़ में पंजाब BJP के हेडक्वार्टर में ब्लास्ट हुआ। फिर अमृतसर के भिंडी सैदां, उसके बाद राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ। उसके बाद मंगलवार रात पहले जालंधर में BJP हेडक्वार्टर और फिर अमृतसर में आर्मी कैंप के पास ब्लास्ट हुए। DGP गौरव यादव ने इनके IED ब्लास्ट का शक जताया। ब्लास्ट होते ही विरोधी दलों BJP, कांग्रेस और अकाली दल ने खराब लॉ एंड ऑर्डर पर ही सवाल उठाए। चुनाव से पहले धमाकों के इलेक्शन पर 3 बड़े इंपैक्ट धमाकों का नैरेटिव कैसे तोड़ेगी AAP पिछले चुनावों से समझ आता है कि चुनाव से पहले धमाके मौजूदा सरकार की कुर्सी के लिए खतरा हैं। यही बैचेनी CM भगवंत मान के बयानों से भी नजर आती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. केके रत्तू मानते हैं कि विरोधी दल AAP सरकार चुनाव से पहले माइनिंग से कमाई, ड्रग्स जैसे कई मुद्दों पर घेर रहे हैं। ऐसे में सीधे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता हुई तो वोटरों के AAP से छिटकने का खतरा बढ़ेगा। खासकर, शहरी एरिया में, जहां लोग अपने कारोबार पर निर्भर हैं। AAP इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, 10 लाख तक कैशलेस इलाज, नहरी पानी, टोल बंद करने और महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना जैसे फायदे गिनाएगी। हालांकि, अगर वोटर के मन में लॉ एंड ऑर्डर का डर बैठ गया तो फिर ये सारे फायदे पीछे छूट जाएंगे। यही वजह है कि CM ने इसे बहुत एग्रेसिव ढंग से काउंटर करने की कोशिश की है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जालंधर ब्लास्ट-हिरासत में लिए डिलीवरी बॉय के घर पहुंचा भास्कर, मां बेसुध जालंधर के BSF हेडक्वार्टर के बाहर मंगलवार रात हुए IED ब्लास्ट के बाद एक डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह को हिरासत में लिया गया है। गुरप्रीत की ही स्कूटी में धमाका हुआ था। वो BSF के रिटायर्ड जवान कश्मीर सिंह का बेटा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
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