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    पीलीभीत डीएम ने दस्तक अभियान की समीक्षा की:संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए जमीनी हकीकत परखी

    8 hours ago

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    पीलीभीत में संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई है। बुधवार को गांधी सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की पहली साप्ताहिक बैठक हुई, जिसमें 'दस्तक अभियान' की जमीनी हकीकत परखी गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और अन्य सहयोगी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तालमेल बनाकर घर-घर जाकर रोगियों की पहचान करें और उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त न करने की चेतावनी भी दी। ग्राम स्तर पर जागरूकता रैली बैठक में 10 अप्रैल से संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की विभागवार समीक्षा की गई। पंचायती राज और शिक्षा विभाग ने ग्राम स्तर पर जागरूकता रैलियां और बैठकें आयोजित की हैं। शिक्षा विभाग ने प्रथम सप्ताह की गतिविधियों को शत-प्रतिशत पूरा करने की जानकारी दी। नगर निकायों को शौचालयों के निर्माण, फॉगिंग, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के साथ हैंडपंपों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह कदम शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और रोग नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है। पशुपालन विभाग को सूकर पालकों के संवेदीकरण का लक्ष्य समय से पूरा करने को कहा गया, जबकि कृषि विभाग को चूहे-छछूंदरों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता घर-घर कर रही भ्रमण जिलाधिकारी ने बताया कि दस्तक अभियान के तहत प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता प्रत्येक घर का भ्रमण कर रही हैं। उनका मुख्य कार्य जलभराव वाले स्थानों की पहचान करना है। आशा कार्यकर्ता घर के भीतर अनुपयोगी पात्रों में जमा पानी को गृहस्वामी के सामने ही खाली करा रही हैं, ताकि डेंगू और मलेरिया के लार्वा को पनपने से रोका जा सके। यह सीधे तौर पर रोगवाहक मच्छरों के प्रजनन को रोकने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ता बुखार, खांसी-जुकाम, टीबी और फाइलेरिया के लक्षणों वाले मरीजों की सूची बनाकर 'ई-कवच' पोर्टल पर अपलोड कर रही हैं। चिन्हित रोगियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजकर उनकी जांच और मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।बैठक के दौरान टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीन और शिक्षा विभाग के कार्यों की भी गहन समीक्षा हुई।
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