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    पीलीभीत में बाघ को परेशान करने पर यूट्यूबर पर केस:रात में बंद था रास्ता, फिर भी टाइगर रिजर्व में घुसा

    1 day ago

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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को ताक पर रखकर वीडियो बनाने वाले एक यू-ट्यूबर और उसके साथियों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 'माइल डाट चेजर्स' (Mile Dot Chasers) नामक यू-ट्यूब चैनल के संचालक पर आर्थिक लाभ के लिए वन्यजीव का पर्यावास बाधित करने और शिकार करने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह संभवतः पहला मामला है जब सोशल मीडिया पर व्यूज और कमाई के चक्कर में बाघ को परेशान करने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की इतनी कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। यह घटना पिछले सप्ताह की है, जब कार सवार कुछ युवक माधोटांडा-खटीमा (उत्तराखंड) मार्ग पर पहुंचे। रास्ते में एक बाघ को देखकर उन्होंने कार रोक दी और वीडियो बनाने लगे। युवकों ने कार की हेडलाइट की तेज रोशनी सीधे बाघ के चेहरे पर मारी, जिससे वह असहज हो गया। इस घटना का एक मिनट का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद वन प्रशासन हरकत में आया। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कागजों में माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर आपात स्थिति को छोड़कर रात के समय वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर कार सवार रात में इस संवेदनशील क्षेत्र में दाखिल हो गए। घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने सफाई दी है कि अब रात में प्रत्येक वाहन को बारीकी से जांचा जाएगा और वन रक्षकों ने रात्रिकालीन गश्त बढ़ा दी है। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के अनुसार, आरोपियों ने वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित किया है और शिकारियों को बाघ की रियल टाइम लोकेशन का जोखिम बढ़ाया है। इसके तहत निम्नलिखित धाराएं लगाई गई हैं: धारा 9 (बाघ का रास्ता रोकने व परेशान करने को 'शिकार की श्रेणी' में माना गया), धारा 27 (जंगल में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए), धारा 29 (वन्यजीवों के पर्यावास का विनाश करने के लिए) और धारा 48 बी (वन्यजीव के जरिए आर्थिक लाभ कमाने के लिए)प्रारंभिक जांच में चैनल प्रोफाइल पर संचालक का नाम 'लव वैद्य' सामने आया है। जिसकी पुष्टि की जा रही है। मामला तूल पकड़ने पर आरोपी ने वीडियो डिलीट कर दिया है। फिलहाल वन विभाग और साइबर क्राइम सेल मिलकर आरोपियों की तलाश में जुटी है
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