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    प्रो. गुरुचरण नेगी बने अगरतला एकलव्य परिसर निदेशक:केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर के वरिष्ठ प्रोफेसर को मिली नई जिम्मेदारी

    5 hours ago

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    केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के वरिष्ठ प्रोफेसर और बौद्ध दर्शन के आचार्य प्रो. गुरुचरण सिंह नेगी को विश्वविद्यालय के एकलव्य परिसर, त्रिपुरा का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। इस खबर के सामने आते ही परिसर में शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखा गया। इस नियुक्ति के बाद परिसर के सभाकक्ष में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रो. नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रो. पवन कुमार ने अध्यक्षता की। समारोह में बौद्ध दर्शन एवं पालि विद्याशाखा के संयोजक डॉ. प्रफुल्ल गड़पाल, शोध छात्र और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। एक प्रतिष्ठित आचार्य के रूप में जाने जाते हैं प्रो. नेगी बौद्ध दर्शन, भोट भाषा और पालि साहित्य के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित आचार्य के रूप में जाने जाते हैं। उनकी विद्वता का प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों तक है, जहां लामा समुदाय और शिक्षकों के बीच उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त है।उन्होंने वर्ष 2006 में लखनऊ परिसर से अपने अध्यापन की शुरुआत की थी। प्रो. नेगी ने पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने की एक विशिष्ट शैली विकसित की है। उनकी कक्षाएं छात्रों के लिए केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर विचार-विमर्श और व्यक्तित्व विकास का मंच भी रही हैं। ‘कुलपति शिक्षा-विभूषण सम्मान’ से भी सम्मानित किया जा चुका हैं प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी प्रो. नेगी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा के अनुसार, सह-निदेशक के रूप में उन्होंने पारदर्शिता, संवाद और सहयोग पर आधारित एक मजबूत कार्य-संस्कृति को बढ़ावा दिया।उनके सहकर्मियों ने भी उनके व्यक्तित्व की सराहना की है। डॉ. प्रफुल्ल गड़पाल ने उन्हें ‘वटवृक्ष’ के समान बताया, जिसकी छाया में हर कोई सहज महसूस करता है। वहीं, डॉ. प्रदीप कुमार द्विवेदी ने पालि अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र के समन्वयक के रूप में उनके महत्वपूर्ण शोध और प्रकाशनों का उल्लेख किया।प्रो. नेगी को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए वर्ष 2026 में ‘कुलपति शिक्षा-विभूषण सम्मान’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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