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    परमहंस KVM कॉलेज का 23वां स्थापना दिवस:कुलपति विनय पाठक बोले,असली शिक्षा तर्क करना सिखाती है, डिग्री नहीं

    4 hours ago

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    शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह शक्ति है जो तर्क करने और नवाचार की क्षमता विकसित करती है। यह बात सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने गुरुवार को परमहंस राममंगल दास के.वी.एम. इंटर कॉलेज के 23वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कही। कॉलेज के स्थापना दिवस और परम पूज्य परमहंस 1008 बाबा राममंगल दास के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर 'विज्ञान एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी' से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. पाठक ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कुलपति ने परखी छात्रों की मेधा, पूछा- कैसे काम करता है आपका मॉडल? कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने प्रदर्शनी के हर स्टॉल का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों से उनके मॉडलों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न पूछे और उनके आत्मविश्वास की सराहना की। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आज के युग में तकनीक और आधुनिक शिक्षा की अनिवार्य आवश्यकता है। जिस तरह की तकनीकी समझ इन छात्रों ने दिखाई है, वह यह विश्वास दिलाती है कि हमारे देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।" उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की सहभागिता को सराहा और भविष्य में विश्वविद्यालय स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया। नन्हें हाथों का कमाल, पेपर टियरिंग से उकेरी कल्पना प्रदर्शनी में नन्हें छात्रों की रचनात्मकता आकर्षण का केंद्र रही। एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने 'पेपर टियरिंग' (कागज फाड़कर कलाकृतियां बनाना) और थर्मोकोल के फूलों से अपनी कल्पनाओं को जीवंत कर दिया। उनकी इस मासूम कलाकारी को देख हर कोई मंत्रमुग्ध नजर आया। पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मकता को जोड़ते हुए छात्रों ने 'वेस्ट टू बेस्ट' का शानदार उदाहरण पेश किया। मूंगफली के छिलकों और व्यर्थ वस्तुओं से बनाई गई सुंदर आकृतियों ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। इसके अलावा, छात्राओं द्वारा मिट्टी के फ्लावर पॉट और कुल्हड़ों पर की गई बारीक नक्काशी ने पारंपरिक कला को आधुनिक पहचान दी। प्रधानाचार्य संजीव त्रिवेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं है, बल्कि प्रत्येक छात्र के भीतर छिपी विशिष्ट प्रतिभा को पहचानना और उसे उचित मंच देना है। इस अवसर पर डॉ. वंदना पाठक, डॉ. जी.के. मिश्रा और डॉ. प्रदीप मिश्रा सहित कई प्रबुद्ध शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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