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    पूर्व सांसद उमाकांत यादव की तबीयत बिगड़ी, BHU रेफर:सीने में दर्द की शिकायत, GRP सिपाही की हत्या में काट रहे आजीवन कारावास

    5 hours ago

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    जौनपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद उमाकांत यादव की तबीयत शुक्रवार सुबह बिगड़ गई। इसके बाद इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। यहां उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत बताई। जांच के बाद डॉक्टरों ने BHU रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि पूर्व सांसद की शुगर और ब्लड प्रेशर की दवा पहले से चल रही है, इसके बावजूद दोनो बढ़े थे। ईसीजी कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए BHU रेफर किया गया है। बता दें कि GRP सिपाही की हत्या के मामले में पूर्व सांसद को सजा हुई है। अब वह मामला जिसमें सजा हुई… मामला 30 साल पहले 4 फरवरी 1995 का। जौनपुर के शाहगंज स्टेशन पर दो पक्षों में विवाद हो गया। झगड़ा प्लेटफार्म-1 पर बेंच पर बैठने को लेकर था। जीआरपी चौकी को सूचना दी गई, जिसके बाद सिपाही मौके पर पहुंचे। उनमें से एक व्यक्ति खुद को विधायक उमाकांत यादव का ड्राइवर राजकुमार बता रहा था। कहासुनी हुई तो ड्राइवर ने जीआरपी सिपाही रघुनाथ सिंह को थप्पड़ जड़ दिया। असलहे से लैस होकर GRP चौकी पहुंचे इसके बाद विवाद बढ़ गया। अन्य सिपाहियों की मदद से राजकुमार को जीआरपी चौकी में लाकर बंद कर दिया गया। किसी ने इस बात की सूचना उस वक्त विधायक रहे उमाकांत यादव को दे दी। असलहे से लैस होकर उमाकांत अपने गनर बच्चूलाल, PRD जवान सूबेदार, धर्मराज, महेंद्र और सभाजीत के साथ चौकी पहुंच गए। इन सभी के हाथों में रिवॉल्वर, कार्बाइन रायफल और देसी तमंचा था। साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की जीआरपी लॉकअप के सामने उमाकांत ने सभी को ललकार कर गोलियां चलाने को कहा। इसके बाद स्टेशन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इससे भगदड़ और दहशत फैल गई। फायरिंग में गोली लगने से जीआरपी कांस्टेबल अजय सिंह ने मौके पर दम तोड़ दिया। वहीं, सिपाही लल्लन सिंह और रेलवे कर्मचारी निर्मल, यात्री भरत लाल गंभीर रूप से घायल हो गए। कांस्टेबल ने दर्ज कराई थी FIR इस दौरान उमाकांत अपने साथी राजकुमार को लॉकअप से निकालकर फरार हो गए। इस मामले में कांस्टेबल रघुनाथ सिंह ने FIR दर्ज कर कराई थी। पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास सहित 10 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में छानबीन शुरू की गई और जांच CBCID को दी गई। 19 गवाह, 598 सुनवाई के बाद सजा सरकारी अधिवक्ता लाल बहादुर पाल और CBCID के वकील मृत्युंजय सिंह ने इस मामले में 19 गवाहों को पेश कराया। 598 सुनवाईयों के बाद आखिरकार 8 अगस्त 2022 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शरद कुमार त्रिपाठी ने उमाकांत यादव को 6 आरोपियों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उमाकांत पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था। उमाकांत यादव का आपराधिक इतिहास… ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ा जिला अस्पताल के डॉक्टर रूपेश कुमार ने बताया कि उमाकांत यादव को सीने में तेज दर्द की शिकायत थी। जांच में उनका शुगर और ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ पाया गया। उनका सर्वाइकल चेक किया गया। उनकी शुगर और ब्लड प्रेशर की दवा पहले से चल रही है, लेकिन जांच में ये दोनों भी बढ़े हुए पाए गए। उनका ईसीजी कराया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू रेफर कर दिया गया। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें…. यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत:सांपों के जहर मामले में कोर्ट ने रद्द की यूपी पुलिस की FIR, नहीं मिले ठोस सबूत फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज सांपों के जहर मामले को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं हैं। जिसके बाद कोर्ट ने अब एफआईआर को रद्द कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
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