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    पूर्व-विधायक के बेटे ने पत्नी के सीने में गोली मारी:खुद भी जान दी, फिरोजाबाद में ढाई लाख के गबन का केस चल रहा था

    18 hours ago

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    फिरोजाबाद में पूर्व विधायक के बेटे ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। घटना शनिवार रात 9:15 बजे की है। गोली चलने की आवाज सुनकर घरवाले और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां विधायक के बेटे और उनकी पत्नी खून से लथपथ पड़े थे। पत्नी के सीने में और पूर्व विधायक के बेटे के सिर में गोली लगी थी। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। परिवार से बात कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रॉपर्टी विवाद में वारदात की बात कही जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब जानिए पूरा मामला… डाहिनी गांव के रहने वाले राकेश यादव (67) के पिता जगदीश यादव 1980 से 1985 तक कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। अभी राकेश सुभाष तिराहा, शिकोहाबाद में रहते थे। राकेश भी गांव के प्रधान रह चुके हैं। वह आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के मैनेजर भी थे। आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज की 35 बीघा जमीन लगान पर गांव के अर्जुन सिंह यादव को दी गई थी। आरोप है कि एक साल की अवधि पूरी होने के बाद भी अर्जुन सिंह ने जमीन खाली नहीं की और उस पर कब्जा बनाए रखा। मई 2025 में कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान और अधिवक्ता राहुल यादव ने राकेश यादव के खिलाफ ढाई लाख रुपए के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था राकेश ने विद्यालय की कृषि भूमि की आय का गबन किया है। साथ ही फर्जी तरीके से मैनेजर बने हैं। राहुल यादव रिश्ते में राकेश का भतीजा लगता है। दोनों में लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। इसी कारण राहुल यादव ने राकेश पर मुकदमा कराया था। शनिवार को इसी मामले की तारीख होने की वजह से वह कोर्ट गए थे। घरवालों के अनुसार, कोर्ट से लौटने के बाद वह काफी तनाव में थे। देर रात उन्होंने अपनी पत्नी राममूर्ति देवी (66) की छाती में लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार दी। इसके बाद खुद अपने सिर में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर घरवाले मौके पर पहुंचे। दोनों को अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने राकेश यादव को शिकोहाबाद में ही मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल राममूर्ति देवी को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पुलिस को मौके से मिली रिवॉल्वर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत एकत्र किए। पुलिस को मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर मिली, जिसकी जांच की जा रही है। राकेश के भांजे गौरव यादव ने बताया कि जमीनी विवाद और उससे जुड़े मुकदमों को लेकर राकेश यादव लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। एसएचओ अनुज कुमार राणा ने बताया, शुरुआती जांच में मामला तनाव और जमीनी विवाद से जुड़ा लग रहा है। लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी गई है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। बेटी बोली- पिता की जमानत कराई थी बेटी गरिमा यादव ने बताया- पिता पिछले 2 साल से डिप्रेशन में थे। उन पर धारा- 420 का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था। इससे वह लगातार परेशान चल रहे थे। हमने उनकी जमानत भी कराई थी। पूरा परिवार इस मामले के बाद दबाव में जी रहा था। नाहर सिंह, विद्याराम वकील समेत कई लोग उनसे मिलने और समझाने आते थे। मैं सबसे यही कहती थी कि पिताजी को समझाइए। धारा- 420 के मामले में 10 साल तक की सजा या आजीवन कारावास हो सकता है। पिता ने कोर्ट जाने से मना किया था 12 तारीख को उनकी कोर्ट में पेशी थी। वह कोर्ट गए और तारीख लेकर लौटे। उसके बाद काफी तनाव और सदमे में दिखाई दिए। मैंने उनसे कहा कि मैं भी साथ चलती हूं। इस पर उन्होंने कहा कि तू कहां जाएगी लल्ली, तू छोटी बच्ची है। अपने बच्चे को लेकर कोर्ट-कचहरी में कहां-कहां भटकेगी। कोई रिश्तेदार हमारा साथ नहीं दे रहा था हम लोग कानून की ज्यादा जानकारी नहीं रखते। न तो कोई रिश्तेदार मदद कर रहा था। न ही कोई हमारा साथ दे रहा था। मैं एक प्रतिष्ठित परिवार की महिला हूं। ऐसे में बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाना मेरे लिए भी बहुत कठिन था। गरिमा ने बताया कि मेरी भाभी ने पूरे परिवार पर तलाक का मुकदमा करा रखा है। न सिर्फ मुझ पर, बल्कि मेरे भाई और मेरी बुआ के बेटे पर भी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पिछले 2 साल से पूरा परिवार भय और तनाव के बीच जीवन गुजार रहा है। मैं अपने भाई की जमानत कराने के लिए अकेले पिता के साथ इलाहाबाद तक गई थी। परिवार में कोई पुरुष सदस्य साथ नहीं था। मेरी बुआ विधवा हैं और हमारा सहारा बनने वाला भी कोई नहीं था। पिताजी नेपाल जाने की बात करते थे गरिमा ने बताया कि हम लोग डर-डर कर समय काट रहे थे। पिताजी अक्सर कहते थे कि सारी संपत्ति बेचकर कहीं और चले जाएंगे। यहां तक कि नेपाल जाने की भी बात करते थे। हम उन्हें समझाते थे कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। लेकिन वह कहते थे कि हमारे बाबा विधायक रहे हैं। इस मामले से परिवार की प्रतिष्ठा पर आंच आई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- थाने में बेटी की हत्या, लव-मैरिज से नाराज था पिता, बांदा में समझाया था- दूसरी जाति का लड़का है, बदनामी होगी; खून देख मां बेहोश बांदा में एक पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की थाने के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी। वह बेटी के लव मैरिज करने से नाराज था। बेटी ने 18 मई को मोहल्ले के ही रहने वाले एक लड़के के साथ भागकर शादी कर ली थी। पुलिस शुक्रवार को लड़की और उसके प्रेमी को मध्यप्रदेश से बरामद कर थाने लाई थी। पढ़ें पूरी खबर…
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