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    पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 20 साल के लिए बनेगा डिजिटल नेटवर्क:2500 से 3000 इंटरनेट प्वाइंट लगेंगे, कहीं से भी कर सकेंगे डिजिटल काम

    3 hours ago

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    जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अगले 20 साल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल नेटवर्क तैयार करने का काम शुरू हो गया है। पूरे कैंपस में करीब 2500 से 3000 इंटरनेट प्वाइंट लगाए जाने की योजना है। नेटवर्क से प्रशासनिक और शैक्षणिक भवनों के साथ कक्षाएं, छात्रावास, लाइब्रेरी, आवासीय परिसर और गेस्ट हाउस समेत कैंपस के सभी प्रमुख हिस्से जुड़ेंगे। नेटवर्क को लेकर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। इसके साथ ही कैंपस में मौजूदा नेटवर्क की स्थिति और भविष्य की जरूरतों का आकलन शुरू कर दिया गया है। पढ़ाई से लेकर प्रशासनिक काम तक मिलेगा नेटवर्क नई व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ विश्वविद्यालय के भवनों तक इंटरनेट पहुंचाना नहीं है। इसके जरिए ऐसी कनेक्टिविटी तैयार की जाएगी, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार कैंपस में कहीं से भी डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें। इस नेटवर्क से पढ़ाई, शोध, कार्यालयी काम और ऑनलाइन सेवाओं के लिए बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों पर इंटरनेट प्वाइंट की संख्या और जगह तय की जाएगी। ई-बुक और डिजिटल पढ़ाई की सुविधा कक्षाओं और शैक्षणिक भवनों में ई-कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और अन्य डिजिटल अकादमिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं, लाइब्रेरी में ई-बुक, ई-जर्नल और शोध सामग्री तक विद्यार्थियों और शिक्षकों की पहुंच आसान होगी। प्रशासनिक भवनों में डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन कार्यालयी काम और अलग-अलग पोर्टल के संचालन के लिए भी नेटवर्क उपलब्ध रहेगा। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर भी काम आएगा नेटवर्क नेटवर्क की क्षमता तय करते समय विश्वविद्यालय की भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी के साथ ऑनलाइन पढ़ाई, शोध, ई-लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और डिजिटल प्रशासन जैसी जरूरतें शामिल हैं। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अगले 20 साल की शैक्षणिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर नेटवर्क की क्षमता और विस्तार की योजना तैयार की जा रही है। विश्वविद्यालय में नेटवर्क की मौजूदा स्थिति और जरूरतों का आकलन शुरू हो चुका है।
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