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    प्रयागराज में चाचा-भतीजे की एक साथ उठीं अर्थियां:टोंस नदी में डूबने से मौत, टैटू बनवाया था- अपना टाइम आएगा

    8 hours ago

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    प्रयागराज के यमुनापार इलाके में टोंस नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान जान गंवाने वाले राहुल पांडेय और अमित कुमार पांडेय रिश्ते में चाचा-भतीजा थे, लेकिन हमउम्र होने के कारण दोनों दोस्तों की तरह रहते थे। हर खुशी और गम में साथ रहने वाले दोनों अक्सर एक ही बाइक से घूमने निकलते थे। मंगलवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान दोनों नदी की गहराई और तेज बहाव में फंस गए। उन्हें बचाने की कोशिश में दोनों की जान चली गई। एक ही परिवार के दो युवकों की मौत से दीवान का पूरा गांव गमगीन है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। दोनों का अंतिम संस्कार मवैया स्थित गंगा नदी घाट पर किया गया। जिस परिवार में दोनों साथ हंसते-बोलते और घूमते थे, उसी परिवार से एक साथ दो अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। राहुल 12वीं का छात्र था और उसे टैटू बनवाने का शौक था। उसके हाथ, पैर, कमर और गर्दन पर कई टैटू बने थे। इनमें त्रिशूल, तलवार और ‘अपना टाइम आएगा’ उसका पसंदीदा टैटू था। यह डायलॉग भी उसकी जुबान पर अक्सर रहता था। एक इंटर का छात्र, दूसरा कर रहा था ग्रेजुएशन राहुल पांडेय की उम्र करीब 20 वर्ष थी। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था और दो भाइयों में बड़ा था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। वहीं, अमित कुमार पांडेय की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है। वह स्नातक की पढ़ाई पूरी कर घर पर रहता था और चार भाइयों में सबसे छोटा था। दोनों के पिता खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में डूबे दोनों हादसा मंगलवार को कौंधियारा थाना क्षेत्र में पाटलेश्वर मंदिर के पास टोंस नदी में हुआ। राहुल और अमित दीवान का पूरा गांव के रहने वाले थे। मूर्ति विसर्जन के लिए दोनों सुबह नदी किनारे पहुंचे थे। उनके साथ अंजनी, रामबाबू, रतन, संदीप, मणिशंकर, सुभाष, राजेंद्र समेत 50 से अधिक लोग मौजूद थे। बहाव के कारण दोनों गहरे पानी में डूब गए विसर्जन के दौरान राहुल और अमित किनारे से आगे बीच धारा की तरफ चले गए। इसी दौरान अमित तेज बहाव में फंस गया। उसे डूबता देख राहुल उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। दोनों ने एक-दूसरे को पकड़कर बचने की कोशिश की, लेकिन गहरे पानी और बहाव के कारण दोनों डूब गए। करीब तीन घंटे बाद बरामद हुए शव हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और आसपास के लोग नदी किनारे पहुंच गए। तलाश के दौरान करीब तीन घंटे बाद गोताखोरों ने राहुल और अमित के शव बरामद कर लिए। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए गंगा घाट ले जाए गए। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। टोंस नदी में हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए इस हादसे ने नदी में सुरक्षा इंतजामों और गहरे पानी में उतरने के खतरों को एक बार फिर सामने ला दिया है। नदी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाए बिना आगे बढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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