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    प्रयागराज में महिला Ad. कमिश्नर के ऑफिस में घुसकर गाली-गलौज:युवक ने पक्ष में फैसले का दबाव बनाया, बोला- प्रयागराज में रहने नहीं देंगे

    2 hours ago

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    प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर जयजीत कौर से ऑफिस में घुसकर गालीगलौज करने व धमकी देने का मामला सामने आया है। उनका कहना है कि उनके कार्यालय में घुसकर एक एक युवक ने अपमे साथियों के साथ विचाराधीन वाद में अपने पक्ष में फैसला करने का दबाव बनाया। बात न मानने पर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी गई कि उन्हें प्रयागराज में नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी। कर्नलगंज पुलिस ने इस मामले में एक नामजद और 10-12 अज्ञात पर सोमवार सुबह एफआईआर दर्ज की है। अब पढ़िए पूरा मामला पीड़ित अफसर जयजीत कौर प्रयागराज में एडिशनल कमिश्नर (न्यायिक) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को बताया- 17 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे हंडिया निवासी पवन कुमार विश्वकर्मा अपने 10-12 साथियों के साथ मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में स्थित उनके ऑफिस में पहुंचा। उसने एक विचाराधीन मामले में अपने पक्ष में फैसला देने का दबाव बनाया। इस पर मैंने कहा कि किसी भी वाद का निस्तारण केवल गुण-दोष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। यह सुनकर आरोपी और उसके साथी भड़क गए। उन्होंने गाली-गलौज की, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और प्रयागराज में नहीं रहने देने व देख लेने की धमकी दी। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी। नारेबाजी से सरकारी काम हुआ प्रभावित यही नहीं आरोपी और उसके सहयोगियों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी भी की। इससे कुछ समय के लिए सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ और कार्यालय की गरिमा भी प्रभावित हुई। दो मुकदमे पहले से, गुंडा एक्ट भी महिला अफसर की शिकायत में यह भी कहा गया है कि पवन कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ हंडिया में पहले से मारपीट, गाली-गलौज और धमकी और आबकारी अधिनियम के तहत एक अन्य मामला दर्ज है। दोनों मामलों में चार्जशीट भी लग चुकी है। 2022 में उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। सुरक्षा को लेकर खतरा महिला अफसर ने अपनी शिकायत में आरोपी के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए यह भी आशंका जताई कि वह उनके खिलाफ किसी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है। डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया, शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- नोएडा में 6 साल के बच्चे की मौत के 5-जिम्मेदार, अथॉरिटी के सीईओ ने कभी जांच नहीं की; ठेकेदार मनमानी करता रहा ग्रेटर नोएडा में सिस्टम की लापरवाही ने 6 साल के मासूम आव्यान की जिंदगी छीन ली। इस मामले में 5 लोगों की सीधी लापरवाही सामने आई है। न तो ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कभी निर्माण कार्यों और सुरक्षा मानकों की जांच कराई और न ही ठेकेदार ने सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए। अफसरों की ढिलाई की वजह से ठेकेदार लगातार मनमानी करता रहा। पूरी खबर पढ़ें…
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