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    पड़ोसी प्रवीण की गवाही से खुला डबल मर्डर:पहले सामाजिक दबाव में हट रहे थे पीछे, पत्नी और मौसेरे भाई की हत्या मामले में तीन को फांसी

    2 hours ago

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    आगरा के एत्माद्दौला इलाके में पत्नी और मौसेरे भाई की बेरहमी से फरसे से हत्या कर दी गई थी। मामले में हत्या आरोपियों को फांसी की सजा आगरा कोर्ट ने दी। इसके बाद मृतक के परेशान होने न्यायालय का आभार जताया। एडीजीसी मोहित पाल के मुताबिक इस केस में कुल 14 गवाह बेहद अहम रहे, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य घटना स्थल के पास लगे CCTV कैमरे की फुटेज रही। यह कैमरा प्रवीण के घर पर लगा था। प्रवीण शुरुआत में सामाजिक दबाव के चलते सामने नहीं आए और गवाही देने से पीछे हटते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने सच्चाई का साथ दिया। उन्होंने फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की, जिससे केस को निर्णायक मजबूती मिली और पूरी घटना की कड़ियां जुड़ती चली गईं। दोनों को पहले गली में दौड़ाकर डंडों से बेरहमी से पीटा गया। जब वे जमीन पर गिर पड़े तो आरोपियों ने फरसे से गले और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस पूरी वारदात की हरकतें CCTV में कैद हो गईं, जिसने अदालत में घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से स्थापित किया। मामला 27 मई 2022 का है, जब गौरव ने अवैध संबंध के शक में अपनी पत्नी पूजा और मौसेरे भाई शिवम की हत्या कर दी थी। इस वारदात में उसके पिता मदन और भाई अभिषेक भी बराबर के भागीदार थे। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल फरसा और खून से सना डंडा बरामद किया। इसके बाद 23 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल की गई, 17 अप्रैल 2023 को आरोप तय हुए और 29 नवंबर 2024 से 15 मई 2025 तक लगातार गवाहियां कराई गईं। कुछ गवाहों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी कराई गई, जिससे तय समय में सुनवाई पूरी हो सकी। मोहित पाल ने बताया कि शुरुआती दौर में कुछ डिजिटल साक्ष्य गायब होने की बात भी सामने आई थी, लेकिन न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप किया और साक्ष्यों का दोबारा संकलन कराया गया। इसके बाद केस और मजबूत हुआ और सभी तथ्यों को क्रमवार तरीके से कोर्ट के सामने रखा गया। फैसले के बाद मृतक शिवम की मां सुनीता काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का कोई कसूर नहीं था, उसे फोन कर बुलाया गया और बेरहमी से मार डाला गया। शिवम परिवार का सहारा था और घर चलाता था। बेटे को इंसाफ मिलने पर उन्होंने अदालत का आभार जताया, लेकिन यह भी कहा कि बेटे के जाने का दुख जिंदगी भर नहीं मिटेगा।
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