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    PM Modi Seychelles 3 Day Visit: Seychelles में PM Modi की अनोखी कूटनीति, 194 साल के कछुए Jonathan से करेंगे खास मुलाकात

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से अपने तीन दिवसीय आधिकारिक सेशेल्स दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि प्रधानमंत्री अपने दौरे की शुरुआत दुनिया के सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय कछुए 'जोनाथन' से मुलाकात के साथ करेंगे। लगभग 194 वर्ष पुराने इस विशाल एल्डाब्रा जाइंट कछुए का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित स्थलीय जानवर के रूप में दर्ज है।प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस (नेशनल डे) के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह अवसर भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है। ऐसे में इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।दुनिया के सबसे बुजुर्ग कछुए 'जोनाथन' से होगी मुलाकातप्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स पहुंचने के बाद सबसे पहले सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात 'जोनाथन' नामक विशाल एल्डाब्रा जाइंट कछुए से होगी। माना जाता है कि जोनाथन की उम्र करीब 194 वर्ष है, हालांकि उसकी वास्तविक जन्मतिथि का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। जोनाथन अपनी प्रजाति की औसत आयु से कहीं अधिक समय तक जीवित रहा है और आज वह केवल सेशेल्स ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में दीर्घायु और प्राकृतिक संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री की यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का संदेश भी मानी जा रही है। इसे भी पढ़ें: इस्लामाबाद नहीं बनने देंगे...यूरोपीय देश का मुस्लिमों पर होश उड़ाने वाला ऐलान, पहली बार भारत हैरान! वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी लेंगे हिस्सासेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस पहल के माध्यम से भारत और सेशेल्स जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने, हरित विकास को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी साझा सोच को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते जलवायु संकट को देखते हुए यह कार्यक्रम दोनों देशों के पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगा।एक्स पर पीएम मोदी का संदेशदौरे पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेशेल्स को भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और वैश्विक दक्षिण (Global South) का अहम साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि सेशेल्स भारत के विजन MAHASAGAR का महत्वपूर्ण सहयोगी है। साथ ही उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से मुलाकात को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।इसे भी पढ़ें: AI Innovation Summit में PM Modi का संदेश, कहा- जिम्मेदार AI से ही देश आगे बढ़ेगा राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी से होगी द्विपक्षीय वार्ताप्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भविष्य की साझेदारी के लिए नए समझौतों और सहयोग के अवसरों पर भी विचार करेंगे। बैठक में निम्नलिखित विषयों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है:समुद्री सुरक्षा (Maritime Security)ब्लू इकोनॉमीजलवायु परिवर्तन एवं क्लाइमेट एक्शनरक्षा सहयोगव्यापार और निवेशहिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारीलोगों के बीच संपर्क (People-to-People Relations)राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की विशेष भागीदारीप्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर भारतीय रक्षा बलों का एक विशेष दल तथा भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी परेड और समारोह में भाग लेंगे। यह भागीदारी हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत रक्षा सहयोग तथा सामरिक विश्वास को दर्शाती है। इसे भी पढ़ें: Vishwakhabram: बदलने वाली है India की China Policy? Early Harvest Deal की तैयारी! Xi Jinping India Visit से पहले आई बड़ी खबरसमुद्री सुरक्षा में मजबूत साझेदारीभारत और सेशेल्स लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री डकैती रोकने, तटीय निगरानी और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। भारत ने सेशेल्स को कई रक्षा उपकरण, तटीय निगरानी प्रणाली, प्रशिक्षण और नौसैनिक सहयोग उपलब्ध कराया है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है।जलवायु परिवर्तन और ब्लू इकोनॉमी पर रहेगा फोकसइस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना भी है। भारत और सेशेल्स ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, समुद्री जैव विविधता के संरक्षण तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देंगे। इसे भी पढ़ें: भारत में ईरान बहा देगा तेल की नदियां... दिल्ली पहुंचते ही खामेनेई मंत्री का बड़ा धमाका2015 के बाद पहली यात्राप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में सेशेल्स के दौरे पर गए थे। करीब एक दशक बाद हो रही यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से न केवल रणनीतिक और आर्थिक सहयोग मजबूत होगा बल्कि पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों को भी नई गति मिलेगी।भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई दिशाप्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हिंद महासागर क्षेत्र का सामरिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, समुद्री सहयोग और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित कछुए 'जोनाथन' से प्रधानमंत्री की मुलाकात इस यात्रा को एक अनूठी पहचान देती है। वहीं राष्ट्रीय दिवस समारोह में उनकी मौजूदगी भारत और सेशेल्स की दशकों पुरानी मित्रता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
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