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    PWD कोटे से भर्ती परीक्षा में धांधली:CBSE की जूनियर असिस्टेंट की भर्ती का मामला, STF ने गैंग सरगना समेत 9 को दबोचा

    2 hours ago

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    लखनऊ में सीबीएसई की EMRS (एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल) भर्ती परीक्षा को फर्जी तरीके से पास कराने वाले 9 आरोपियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गैंग पीडब्लूडी (दिव्यांग) का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर परीक्षा पास कराता। जिसके एवज में मोटी रकम वसूलता था। एसटीएफ ने आरोपियों को विकास नगर थाने में दाखिल किया है। अन्य नेटवर्क को खंगाल रही है। डीएसपी विमल कुमार सिंह ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड 22 से 25 मार्च तक EMRS (एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल) टियर-2 जूनियर सेक्रेटरिएट असिस्टेंट की भर्ती परीक्षा करा रहा है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए एसटीएफ की टीमें सक्रिय थी। टीम को सूचना मिली कि झांसी, जालौन और आसपास के जिलों में सक्रिय एक गिरोह फर्जी तरीके से PWD (पर्सन विद डिसएबिलिटी) (दिव्यांग) कोटे का लाभ दिलाकर परीक्षा में धांधली करा रहा है। इन लोगों को किया गिरफ्तार सूचना के आधार पर एसटीएफ ने विकासनगर स्थित सेंट्रल एकेडमी परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। यहां से 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों की पहचान मोंठ झांसी निवासी राज किशोर, रोहिणी वेस्ट दिल्ली निवासी नीरज झा, पूंछ झांसी निवासी राम मिलन, जानकीपुरम विस्तार लखनऊ निवासी सत्यम कुमार, मोंठ झांसी निवासी मनीष मिश्रा, आकाश अग्रवाल, सौरभ सोनी, कोंच जालौन निवासी अभिषेक यादव और मुसाफिर अमेठी निवासी दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी को गोरखपुर से लाकर कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा गिरफ्तार गैंग सरगना मनीष ने पूछताछ में बताया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद दलालों की मदद से फर्जी PWD प्रमाण पत्र बनवाए जाते थे। परीक्षा में इन अभ्यर्थियों के लिए प्रोफेशनल सॉल्वर को ‘स्क्राइब’ बनाकर बैठाया जाता था, जो पूरा पेपर हल करता था। सभी आरोपियों के खिलाफ विकासनगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ही उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
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