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    राहुल गांधी को लेकर हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित:बीजेपी और आरएसएस को लेकर दिल्ली के बयान का मामला, मुकदमे की है मांग

    2 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट में जल्द ही राहुल गांधी को लेकर फैसला आएगा। कोर्ट ने राहुल गांधी के बयान को लेकर याचिका पर फैसला सुरक्षित किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नए हेडक्वार्टर, "इंदिरा भवन" के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने याचिका पर पूरी दलीलें सुनने के बाद बुधवार को आदेश सुरक्षित कर लिया। मामला 15 जनवरी 2025 को राहुल गांधी के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था: "हमारी लड़ाई आर एस एस , बीजेपी के साथ-साथ भारतीय राज्य से भी है।" हाईकोर्ट में सिमरन गुप्ता की याचिका सिमरन गुप्ता द्वारा दायर की गई याचिका में संभल की चंदौसी कोर्ट के पिछले फैसले को चुनौती दी गई है। 7 नवंबर, 2025 को, चंदौसी कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाकर्ता की याचिका को कमजोर बताते हुए खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ता गुप्ता ने चंदौसी कोर्ट के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज द्वारा जारी आदेश को चुनौती देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया है। इससे पहले 21 मई, 2025 को, संभल के डिस्ट्रिक्ट जज कोर्ट ने विधानसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था कि वे या तो जवाब दें या 4 अप्रैल को पेश हों। भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं बताया गया कि "लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को एक बयान दिया था कि 'हम अब बीजेपी, आर एस एस और खुद भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं'। सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए स्पेशल एम पी /एम एल ए कोर्ट में केस फाइल किया था। सीजेएम ने अधिकार क्षेत्र के आधार पर इसे रद्द कर दिया था। उस आदेश के खिलाफ एक रिवीजन पिटीशन फाइल की गई और संभल के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज कोर्ट ने राहुल गांधी को 4 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया। बाद में अर्जी खारिज कर दी गई। जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बीजेपी-आरएसएस से लड़ रहे दिल्ली में नये हेडक्वार्टर के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि "हमारी आइडियोलॉजी, आर एस एस की आइडियोलॉजी की तरह, हज़ारों साल पुरानी है, और यह हज़ारों सालों से आर एस एस आइडियोलॉजी से लड़ रही है। हम सही लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई फेयरनेस नहीं है। अगर आपको लगता है कि हम बीजेपी या आर एस एस नाम के किसी पॉलिटिकल ऑर्गनाइज़ेशन से लड़ रहे हैं, तो आप समझ नहीं पाए हैं कि क्या हो रहा है। कहा गया था कि बीजेपी और आरएसएस ने हमारे देश के हर एक इंस्टीट्यूशन पर कब्ज़ा कर लिया है। अब हम आर एस एस/ बीजेपी और खुद भारतीय सरकार से लड़ रहे हैं," । "हमें नहीं पता कि हमारे इंस्टीट्यूशन काम कर रहे हैं या नहीं। यह बिल्कुल साफ़ है कि मीडिया क्या कर रहा है। लोग भी जानते हैं कि मीडिया अब फ़्री और फेयर नहीं रहा,"
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