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    Ram Mandir चंदा घोटाले पर गरजीं Mayawati, बोलीं- दोषियों पर हो Action, बदलो पूरा System

    3 hours from now

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    बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार (30 जून) को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी का मामला "बेहद गंभीर और चिंताजनक" है। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की चेतावनी भी दी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनका यह पोस्ट अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में अयोध्या पुलिस और राज्य सरकार की ओर से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चल रही जांच के बीच आया है। इसे भी पढ़ें: कांग्रेस का UP में बड़ा दांव, राजेंद्र पाल गौतम बने AICC प्रभारी, क्या बदलेगा Dalit समीकरण?इस मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं: मायावतीएक्स पर एक पोस्ट में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, गबन और हेराफेरी के बारे में रोज़ आ रही मीडिया रिपोर्टें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। ऐसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी उचित नहीं है। मायावती ने कहा कि राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर भविष्य में ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए, देश भर के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में अपनाई जाने वाली अकाउंटिंग प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए और इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने अपराध, राजनीति और धर्म को आपस में न मिलाने की चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीति के अपराधीकरण, अपराध के राजनीतिकरण, धर्म के राजनीतिकरण और राजनीति के अंधे धार्मिककरण से बचना चाहिए। यही उचित होगा और संविधान के अनुरूप होगा। देश और जनता के हित में राजनीतिक दलों को BSP की यही सलाह है और साथ ही देश की जनता से भी यही अपील है। इस मामले में अब तक दान की नकदी की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि मंदिर प्रबंधन से जुड़े उच्च-स्तरीय अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग भी ज़ोर पकड़ रही है। चंपत राय से 3 घंटे तक पूछताछइस बीच, पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने उनसे प्रशासनिक फैसलों, दान के प्रबंधन, कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों, और शिकायतों के निपटारे से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि चंपत राय कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए, और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उन्हें फिर से बुला सकती है। पूछताछ के दौरान, चंपत राय ने पुलिस को बताया कि दान की चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब चंपत राय के बयान की तुलना जांच के दौरान सामने आए अन्य गवाहों, दस्तावेजों और तथ्यों से करेगी। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद है कि SIT जुलाई के पहले हफ्ते में अयोध्या पहुंचेगी, अपनी जांच पूरी करेगी और सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। 
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