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    रनिंग-प्राणायाम एक साथ खतरनाक:फिजियोलॉजी विशेषज्ञ ने दी चेतावनी, बिगड़ सकता है शरीर का संतुलन

    10 hours ago

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    जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज में आयोजित कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने पहुंचे बीएचयू के फिजियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. समीर कुमार सिंह ने व्यायाम और सेहत को लेकर चौंकाने वाले तथ्य साझा किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सही वैज्ञानिक जानकारी के किया गया व्यायाम फायदे की जगह शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। आजकल लोग जोश में आकर अपनी शारीरिक क्षमता और उम्र का ख्याल रखे बिना वर्कआउट कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर सेहत से खिलवाड़ है। दो सिस्टम की भिड़ंत बिगाड़ रही है आपका स्वास्थ्य डॉ. समीर ने बताया कि वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या मॉडर्न एक्सरसाइज और पारंपरिक योग को गलत तरीके से मिक्स करना है। अक्सर देखा जाता है कि लोग रनिंग या वॉक करते समय ही 'भस्त्रिका प्राणायाम' शुरू कर देते हैं। विज्ञान के नजरिए से यह बेहद खतरनाक है, क्योंकि रनिंग हमारे शरीर के 'सिम्पेथेटिक सिस्टम' को एक्टिवेट करती है, जबकि प्राणायाम 'पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम' पर काम करता है। ये दोनों तंत्र एक-दूसरे के विपरीत दिशा में काम करते हैं। जब इन दोनों को एक साथ मिलाया जाता है, तो शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है। यही मुख्य कारण है कि कई लोग नियमित एक्सरसाइज के बावजूद बेहतर स्वास्थ्य की शिकायत करते नजर आते हैं। उम्र और बीमारी के हिसाब से तय करें अपना वर्कआउट हर व्यक्ति के लिए एक्सरसाइज का पैमाना एक जैसा नहीं हो सकता। डॉ. सिंह के मुताबिक, अगर कोई युवा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे कोई मेडिकल समस्या नहीं है, तो वह रोजाना एक घंटे तक कठिन यानी विग्रस एक्सरसाइज कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, बढ़ती उम्र के साथ शरीर की क्षमताएं बदलने लगती हैं। बुजुर्गों या अधिक उम्र के लोगों के लिए रोजाना आधा घंटा टहलना या हल्की एरोबिक एक्सरसाइज ही पर्याप्त मानी जाती है। बिना डॉक्टरी सलाह के भारी व्यायाम से बचें मरीज विशेषज्ञ ने विशेष रूप से उन लोगों को सचेत किया है जो डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीजों को बिना किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह के कोई भी भारी व्यायाम शुरू नहीं करना चाहिए। शरीर की फिजियोलॉजी को समझे बिना की गई मेहनत नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। आम मनुष्य का जीवन तभी बेहतर हो सकता है जब वह अपनी शारीरिक स्थिति और वैज्ञानिक तथ्यों के तालमेल के साथ व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए।
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