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    रुपए न मिलने पर युवक को फंसाने का आरोप:परिजनों ने एडीजी से चौकी पुलिस की शिकायत की, सबूत के तौर पर दिखाए CCTV फुटेज

    2 hours ago

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    कन्नौज में पुलिस पर एक युवक को हिरासत में लेने, पैसे मांगने और फिर पैसे न मिलने पर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजने का आरोप लगा है। युवक के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एडीजी से शिकायत की है। यह मामला सदर कोतवाली के पाल चौराहा चौकी क्षेत्र के शरीफापुर गांव से जुड़ा है। यहां के निवासी चमन उर्फ नियाजुद्दीन का एक सप्ताह पहले पड़ोसी से विवाद हुआ था। 27 मार्च को चमन पाल चौराहे के पास एक होटल में खाना खा रहा था। तभी चौकी इंचार्ज एक सिपाही के साथ वहां पहुंचे और उसे हिरासत में ले लिया। यह पूरी घटना होटल के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। चमन के माता-पिता जब उसे छुड़ाने चौकी पहुंचे, तो पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के बदले में मोटी रकम की मांग की। परिजनों ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पूरी रकम देने में असमर्थता जताई। चमन के पिता निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे को जानलेवा हमले के आरोप में फंसाने की धमकी दी और पैसे का इंतजाम करने को कहा। अगले दिन परिजनों ने आधी रकम का इंतजाम कर पुलिस को दे दिया, लेकिन इसके बावजूद चमन को रिहा नहीं किया गया। इसके बजाय, पुलिस ने उस पर तमंचा रखने का आरोप लगाकर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, चमन को 27 मार्च की शाम 4:15 बजे होटल से पकड़ा गया था, जबकि एफआईआर में उसकी गिरफ्तारी 28 मार्च की सुबह 5:40 बजे दर्ज की गई है। इन तकनीकी विसंगतियों को लेकर चमन के परिजनों ने सोमवार को कानपुर पहुंचकर एडीजी आलोक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और एफआईआर की कॉपी के साथ एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की। एडीजी ने उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिया है। इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिनोद कुमार से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। पुलिस का पक्ष आते ही अपडेट कर दिया जाएगा।
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