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    रिपोर्ट-देश में 9% छात्र आत्महत्या के बारे में सोचते हैं:34% कैंपस में बाहरी महसूस करते हैं; 10 साल में 62% सुसाइड केस बढ़े

    9 hours ago

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    देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे 9% छात्रों को अक्सर आत्महत्या का विचार आता है। वहीं, 34% छात्र अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी महसूस करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) के देशभर में कराए सर्वे में ये खुलासा हुआ है। सर्वे में करीब 15% छात्रों ने कहा कि पिछले 6 महीनों में कुछ समय ऐसा रहा, जब वे बहुत ज्यादा तनाव या कई हफ्तों तक एंग्जाइटी में रहे। हालांकि, 56% छात्रों ने सर्वे में कहा कि गंभीर मुद्दों को निष्पक्ष तरीके से संभालने के लिए उन्हें प्रशासन पर भरोसा है। एनटीएफ के इस सर्वे में 2.43 लाख से ज्यादा छात्रों के जवाब शामिल हैं। इनमें 67% छात्र एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी से थे। टास्क फोर्स की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा होने की उम्मीद है। एनटीएफ का गठन सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मेंटल हेल्थ व वेल-बीइंग से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए किया था। टास्क फोर्स के प्रमुख जस्टिस एस रवींद्र भट हैं। साइकोलॉजिस्ट बोले- आत्महत्या की प्रवृत्ति को शुरू में ही पहचानना जरूरी साइकोलॉजिस्ट डॉ. जेपी अग्रवाल ने के मुताबिक छात्रों में आत्महत्या रोकने के लिए चेतावनी संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थान में गेटकीपर ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षकों, काउंसलरों, हॉस्टल वार्डन को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। छात्रों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्हें तनाव, अवसाद और आत्महत्या के जोखिम के शुरुआती संकेत पहचानना सिखाया जाना चाहिए। छात्रों को ‘टेलीमानस’ हेल्पलाइन और ‘मनहित’ एप के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इसके अलावा, छात्रों में सआत्महत्या के कई कारण हो सकते हैं। इसे समझने के लिए साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी को अनिवार्य किए जाने की जरूरत है। 11 साल में एडमिशन बढ़े, छात्रों का सुसाइड भी बढ़ा 2011 से 2022 के बीच हायर एजुकेशन में दाखिले 2.92 करोड़ से बढ़कर 4.33 करोड़ हो गए, लेकिन छात्र आत्महत्याएं इससे तेज दर से बढ़ीं। हायर एजुकेशन में प्रति 1 लाख छात्रों पर सुसाइड रेट 26.37 से बढ़कर 30.02 हो गया। 18 सितंबर: बॉम्बे IIT में छात्र ने खुदकुशी की थी मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ग्राउंड रिपोर्ट- क्या सुसाइड फैक्ट्री बन रहे IIT कैंपस:मां को ताना- ‘एक बच्चा नहीं संभलता‘, बेटे ने जान दी, 10 साल में केस 135% बढ़े ‘एक बच्चा नहीं संभाल पातीं? हमें देखिए, 12 हजार बच्चों को संभाल रहे हैं। हम IIT में ऐसे बच्चे नहीं लेते हैं।‘ IIT दिल्ली के डीन ने जब ऋषिकेश की मां से ये सब कहा, तब वो वहीं मौजूद था। ये बात उसके दिल पर लगी और आंखें भर आईं। इस वाकए के कुछ दिन बाद 22 अगस्त को ऋषिकेश ने हॉस्टल की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें…
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