Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रायसीना डायलॉग, ईरानी उप-विदेश मंत्री बोले- आखिरी गोली तक लड़ेंगे:ट्रम्प न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकते, हमारा लीडर क्या खाक तय करेंगे

    8 hours ago

    1

    0

    दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में शुक्रवार को ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा- तेहरान के पास अमेरिकी-इजराइली हमले के खिलाफ देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है, कसम खाई है कि देश आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक विरोध करेगा। उन्होंने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं। ANI से चर्चा के दौरान खतीबजादेह ने कहा- ईरान इस समय पूरी तरह से युद्ध की स्थिति से गुजर रहा है। जब हम बात कर रहे हैं, मेरे साथी नागरिकों पर अमेरिका-इजराइल का लगातार हमला हो रहा है। मुझे लगता है कि अभी ईरान के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वह हमलावर के खिलाफ पूरी तरह से विरोध करे। कुर्द ईरान की पहचान का अहम हिस्सा अमेरिका के संभावित जमीनी हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी औपनिवेशिक मिशन को रोकने के लिए तैयार है। अपने देश की राजनीतिक व्यवस्था बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के कुर्द समुदाय को अलगाववाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। ईरान के कुर्द देश की पहचान का अहम हिस्सा हैं, जबकि कुछ अलगाववादी समूहों को बाहरी एजेंसियों का समर्थन मिला है। रायसीना डायलॉग 2026 के सेशन में खतीबजादेह से सवाल-जवाब सवाल: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को आप कैसे देखते हैं? जवाब: यह ईरान के अस्तित्व की लड़ाई है। कुछ ताकतें ईरान को खत्म करना चाहती हैं। हम हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए अपने देश की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल: क्या इस संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का खतरा है? जवाब: हम कोशिश कर रहे हैं कि यह संघर्ष दूसरे इलाकों तक न फैले। ऐसी खबरें भी आई हैं कि मोसाद और इजराइल कुछ जगहों पर फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश कर रहे हैं, जैसे तेल रिफाइनरी या साइप्रस को निशाना बनाना। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि इन घटनाओं की शुरुआत ईरान से नहीं हुई। सवाल: कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि खाड़ी देशों में भी ऐसी गतिविधियां पकड़ी गई हैं। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब: रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अरब और कतर में कुछ मोसाद समूहों को फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है और हम नहीं चाहते कि यह संघर्ष दूसरे देशों तक फैले। सवाल: आप कहते हैं कि यह ‘अस्तित्व की लड़ाई’ है। इसका क्या मतलब है? जवाब: यह केवल ईरान की लड़ाई नहीं है। जब किसी देश के शीर्ष नेता को निशाना बनाया जाता है, तो यह बहुत खतरनाक मिसाल है। अगर यह नया सामान्य बन गया तो दुनिया के लिए गंभीर खतरा होगा। सवाल: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात पर आपका क्या कहना है? जवाब: ट्रम्प ईरान में नेतृत्व बदलने की बात करते हैं, जबकि वे अपने ही देश में न्यूयॉर्क के मेयर तक नियुक्त नहीं कर सकते। यह एक तरह का औपनिवेशिक नजरिया है। वे अपने देश में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन ईरान की लोकतांत्रिक सरकार को गिराना चाहते हैं। सवाल: क्या इस युद्ध को रोकने का कोई रास्ता है? जवाब: यह उस पक्ष पर निर्भर है जिसने आक्रमण शुरू किया। अगर वे आज हमला रोक दें, तो हम केवल अपनी रक्षा कर रहे हैं, हम आक्रमण नहीं कर रहे। किसी भी देश के लिए कूटनीति ही सबसे अच्छा रास्ता है। मुझे संदेह है कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन कूटनीति और संवाद की अहमियत को समझता है या नहीं। अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में खतीबजादेह ने इस संघर्ष को बाहरी हमले के खिलाफ जरूरी राष्ट्रीय लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान होना चाहिए और इसे चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार इस समय अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांत भी खतरे में हैं। हिंद महासागर में जो जहाज डूबा, उसे भारत ने बुलाया था खतीबजादेह ने हिंद महासागर में डूबे ईरानी जहाज पर कहा- यह जहाज भारत के निमंत्रण पर एक अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में भाग लेने आया था। वह औपचारिक कार्यक्रम के लिए था, उस पर हथियार नहीं थे। इस घटना में कई युवा ईरानी नाविकों की मौत हुई। भारत के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि उनकी भारत के विदेश मंत्री से संक्षिप्त मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच पुराने सभ्यतागत संबंध हैं और दोनों देश इन रिश्तों को काफी महत्व देते हैं। अब जानिए क्या है रायसीना डायलॉग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च को रायसीना डायलॉग 2026 का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम को भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) और ऑबसर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) मिलकर आयोजित करते हैं। इस बार रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है, जो 5 से 7 मार्च तक चलेगा। रायसीना डायलॉग जियो-पॉलिटिक्‍स और जियो-फाइनेंस पर भारत का एक प्रमुख सम्मेलन है। इसमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष, संसद सदस्य, मिलिट्री कमांडर और उद्योग जगत के प्रमुखों सहित 110 देशों के लगभग 2700 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है। रायसीना डायलॉग में इंटरनेशनल कम्युनिटी के सामने देश-दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की जाती है। इस बार वैश्विक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इकोनॉमिक सिक्योरिटी और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर शुरू हुआ रायसीना डायलॉग को सिंगापुर में होने वाले शांगरी-ला डायलॉग की तर्ज पर आयोजित किया जाता है। शांगरी-ला रक्षा मंत्रियों के लिए होने वाला सम्मेलन है, जबकि रायसीना में विदेश मंत्रियों की बैठक होती है। रायसीना डायलॉग का आयोजन विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) मिलकर करते हैं। इस बार के रायसीना डायलॉग में 125 देशों के 3500 से ज्यादा डेलीगेट शामिल होंगे। इस दौरान रूस-यूक्रेन जंग के अलावा कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। ……………………. अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले की यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- ईरान मेरे बिना सुप्रीम लीडर न चुने:सिलेक्शन में अमेरिका का रोल जरूरी; खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए नेता के चयन में अमेरिका की भूमिका जरूरी है और बिना अमेरिका की भागीदारी के ऐसा करना वक्त की बर्बादी होगी। एक्सिओस को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान अगर अमेरिका को शामिल किए बिना नया सुप्रीम लीडर चुनता है तो इसका कोई मतलब नहीं होगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    अमेरिका-इजराइल हमले में ईरान के 3000 घर तबाह:300 मिसाइल लॉन्चर खत्म, 1200 की मौत, बिजली-पानी सप्लाई ठप
    Next Article
    फॉर्च्यूनर से 2 लोगों की रौंदने वाले की रंगबाजी:कस्टडी में जेब में हाथ डालकर चला, मंत्री संजय निषाद को बताता है फूफा

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment