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    सफाईकर्मी पिता की चिंता पर शहर बना परिवार:दो बेटियों के कन्यादान की जिम्मेदारी उठाई, भव्य शादी की तैयारी, अयोध्या से महंत बुलाए

    5 hours ago

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    सबसे पहले यह तस्वीर देखिए..… सीकर शहर की एक गली में झाड़ू लगा रहे ये शख्स सफाईकर्मी राधेश्याम हैं। पिछले 20-25 साल से यही काम कर रहे हैं। उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि जिस शहर में वे इतने साल से सफाई का जिम्मा उठा रहे हैं, एक दिन वही शहर उनकी बेटियों की भव्य शादी के लिए परिवार बनकर आगे आएगा। आज राधेश्याम के बेटियों निकिता और निशा की शादी की पूरे शहर में चर्चा है। इस शादी का जिम्मा उठाया है, सेठ अणतराम सिंघानिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने। एक महंगा मैरिज गार्डन को बुक किया गया है। शहरभर में 5 हजार से ज्यादा कार्ड बांटे गए हैं। हजारों लोगों के लिए पकवान बनाए गए हैं। मंडप के रीति-रिवाज के लिए अयोध्या से महंतों को बुलाया गया है। बेटियों की विदाई से पहले भास्कर टीम राधेश्याम के घर पहुंची…. शहर की वाल्मिकी बस्ती में सफाईकर्मी राधेश्याम के घर की रौनक ही अलग थी। छोटी-सी बैठक से लेकर पूरा घर रंग-बिरंगी चुनरियों से सजाया गया है। बड़ी बेटी निशा (22) लाल-पीली चुनरी में सजी बैठी थी। उसके हाथों में गहरी मेहंदी रची है। सामने बैठी छोटी बहन निकिता (20) पीले दुपट्टे में मुस्कुरा रही है। दोनों एक-दूसरे को देख हंस पड़ती हैं। निशा अपने हाथों की मेहंदी को देख मुस्कुरा रही है। निकिता सहेलियों के बीच बैठी हैं। उन्हें महसूस हो रहा है कि वे अकेली नहीं हैं-पूरा शहर उनके साथ खड़ा है। निशा ने बताया कि जैसे ही हमारी शादी की बात शुरू हुई थी तब से पापा बहुत चिंता में रहते थे। महंगाई बहुत है और एक साथ दो बेटियों की शादी करना बहुत मुश्किल होता है। निकिता ने बताया कि मां-पापा सालों से थोड़े-थोड़े पैसे जमा कर रहे थे। जब उन्हें जोड़ा गया तो हमारे अनुमान से बहुत कम थे। मां तो कई बार टेंशन से रोने भी लगती थी। लेकिन अब सब अच्छा हो रहा है। सब लोग मेरे पापा की मदद कर रहे हैं। ट्रस्ट ने ली खर्च की जिम्मेदारी राधेश्याम ने बताया कि मेरी इनकम सीमित है। महीनेभर की कमाई से घर का खर्चा, दो बेटियों और दो छोटे बेटों की जिम्मेदारी-सब कुछ संतुलित करना आसान नहीं था। निशा ने दसवीं तक पढ़ाई की, फिर हालात ने उसे घर की जिम्मेदारियों में लगा दिया। निकिता ने सिर्फ पांचवीं तक ही पढ़ाई की है। जब बेटियों की शादी की बात तय हुई, तो घर में खुशी आई, लेकिन साथ ही चिंता भी थी। राधेश्याम बताते हैं- एक पिता होने के नाते- मन में बरसों से यह सपना था कि बेटियों की बारात आए, ढोल बजे, मेहमान बैठें और विदाई सम्मान के साथ हो। लेकिन सवाल था-इतनी व्यवस्था कैसे होगी? जब मैंने अपनी मजबूरी सेठ अणतराम सिंघानिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रमोद सिंघानिया को बताई तो उन्होंने मेरी चिंता को कम करते हुए कहा कि अब ये हमारे घर की शादी है आप निश्चिंत होकर घर जाओ। ये सुनने के बाद मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं उनका ये एहसान कभी नहीं भूल सकता हूं। मेरे पास पैसे नहीं थे, समझ नहीं आ रहा था बेटियों की शादी में खर्चा कैसे करूं। लेकिन मनोज चौधरी, प्रमोद सिघानियां ये वो नाम है जो भगवान बनकर आए मेरे लिए। पास में ही खड़ी दोनों बेटियों की मां साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछते हुए बोलती है मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था पूरा शहर मेरी बच्चियों को आशीर्वाद देगा। बेटी की शादी की तरह निभा रहे जिम्मेदारी राधेश्याम की दोनों बेटियों की शादी के लिए शहर में दयालबाग मैरिज गार्डन को चुना गया है। जहां हजारों बाराती-घराती एक साथ इस खुशी में शामिल होंगे। जब हमारी टीम आयोजनकर्ताओं से मिलने पहुंची तो देखा वहां भी बिल्कुल ऐसे तैयारी हो रही थी, मानो उन्हीं की बेटी की शादी है। सेठ अणतराम सिंघानिया चैरिटेबल ट्रस्ट की विनीता सिंघानिया अपने हाथों में मेंहदी लगवा रही थीं। विनिता ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ दो बेटियों की शादी नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि समाज तब मजबूत होता है, जब हर वर्ग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें। प्रमोद सिंघानिया गार्डन में शादी की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उन्होंने बताया कि शादी समारोह के कार्ड में पंच परिवर्तन का जिक्र किया गया है। इसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व: का बोध, 'स्वदेशी' और नागरिक कर्तव्य शामिल है। शादी समारोह के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री की तरफ से भी बधाई संदेश आया है। साथ ही विश्व हिंदू परिषद ने भी शुभकामनाएं भेजी हैं। प्रमोद बताते हैं- राधेश्याम हमारे मोहल्ले में कई सालों से सफाई का काम करते आ रहे हैं। कई महीनों पहले जब उन्होंने अपनी बेटियों की शादी करने की चर्चा चलाई तब हमने एक भाई के नाते उनकी सारी चिंता अपने ऊपर ले ली। वे बताते हैं- वर्तमान में यूजीसी जैसे मामले चल रहे हैं। इन पर बहस होना अलग बात है, लेकिन उन्हें ही समाज की जमीनी तस्वीर मान लेना उचित नहीं है। वास्तविकता यह है कि आज भी हम सारे भेदभावों से ऊपर एकसाथ हैं। 4 हजार से ज्यादा लोगों के लिए बनाए जा रहे पकवान शादी में बारातियों के लिए हर तरह के पकवान बनवाए जा रहे हैं। हलवाई गुलाब जामुन, काजू कतली, गूंद-गिरी का हलवा, दही बड़े, कचौरी, पुलाव, चाट आइटम सहित अन्य व्यंजन बनाने में जुटे हैं। आयोजनकर्ताओं के अनुसार करीब 4 हजार से ज्यादा लोगों के खाने की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट की ओर से दोनों बेटियों को उनकी नई गृहस्थी के लिए साभी घरेलू सामान दिए जाएंगे। इसमें बेड, सोफा सेट, एलईडी टीवी, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कूलर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन सेट, दुल्हन के कपड़े और शादी के जोड़े। साथ ही दोनों दूल्हों को एक-एक बाइक भी गिफ्ट की जाएगी। समाजसेवी जितेंद्र सिंह कारंगा ने बताया हम सब अलग-अलग पृष्ठभूमि से जरूर आते हैं, लेकिन दिल से एक हैं। समाज तभी मजबूत बनता है जब हम एक-दूसरे को परिवार की तरह अपनाएं और हम हर सुख-दुख में साथ खड़े है। नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष अशोक चौधरी बताते हैं- राधेश्याम हमारे यहां लंबे समय से सफाईकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। वह हमारे साथी हैं, परिवार का हिस्सा हैं। ऐसे समय में उनका साथ देना हम सबकी जिम्मेदारी है। हम सभी पार्षद और कर्मचारी मिलकर उनकी बेटियों की शादी पूरे धूमधाम और सम्मान के साथ करवाएंगे। शादी में आएंगे अयोध्या से महंत शादी का पूरा खर्च सेठ अणतराम सिंघानिया चैरिटेबल ट्रस्ट उठा रहा है, तो कई समाज के लोग भी इस आयोजन सफल बनाने में जुटे हैं। कोई पंडाल की व्यवस्था संभाल रहा है, तो किसी के पास भोजन की जिम्मेदारी है। कुछ लोग साज-सज्जा और लाइटिंग में लग गए। शहर की कई बड़ी हस्तियों ने भी समारोह में शामिल होने की सहमति दी है। शादी में हजारों लोग बारात का स्वागत करेंगे। अयोध्या, हरिद्वार सहित देशभर से कई संत आएंगे। शादी में जगद्गुरु अर्जुन द्वाराचार्य, कृपालु राम भूषण देवाचार्य महाराज, पोकरण विधायक प्रतापपुरी, सांगलिया पीठाधीश्वर ओम दास महाराज, महंत मनोहर शरण शास्त्री महाराज, चंद्रमादास महाराज और सीकर के पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती भी शामिल होंगे। निशा की शादी योगेश और निकिता की शादी विशाल के साथ होगी। निशा की बारात अजमेर के कल्याणीपुरा और निकिता की बारात फतेहपुर से 19 फरवरी को पहुंचेगी।
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