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    सफाईकर्मी पति सुलह की ओर, अफसर पत्नी बोली-गुंजाइश नहीं:'पॉजीटिव न्यूज' वाले बयान पर ज्योति मौर्या ने कहा-पति के इश्यू पर बात नहीं करनी

    1 hour ago

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    यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या और उनके सफाई कर्मी पति आलोक मौर्या के बीच तलाक-सुलह समझौते का मामला फिर चर्चा में है। प्रयागराज में 5 मई को पति आलोक मौर्या ने कहा-मामला मीडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) में है। परिवार टूटे नहीं, बसे इसकी कोशिश है। न्यायालय भी इसी को प्राथमिकता दे रहा। जल्द ही पॉजीटिव न्यूज मिलेगी। आलोक मौर्या के सुलह की तरफ इशारे पर जब उनकी PCS पत्नी ज्योति मौर्या से बात की गई तो उन्होंने कहा ‘वे (आलोक) कहां जा रहे-किससे मिल रहे, इससे मुझे क्या।’ ज्योति ने सुलह समझौते की गुंजाइश से साफ इनकार कर दिया। बोलीं- ‘आलोक के इश्यू पर कुछ नहीं बोलना चाहती। जो कहना था पहले ही बता चुकी हूं।’ ज्योति मौर्या गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। इससे पहले भी ज्योति ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि तलाक फाइनल स्टेज पर है। अब समझौते की गुंजाइश नहीं है। बस कुछ दिन की बात है। आयोग बने तो पुरुषों को प्लेटफॉर्म मिले, आत्महत्याएं रुकें प्रतापगढ़ में बतौर सफाईकर्मी पोस्टेड आलोक मौर्या ने दैनिक भास्कर से बातचीत में पतियों के उत्पीड़न का मामला उठाया। वह खुद को पत्नी पीड़ित की तरह पेश करने लगे। कहा- मैंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है कि पुरुष आयोग बने ताकि पुरुष अपनी बात रख सकें। पुरुष आयोग का गठन होना चाहिए क्योंकि पुरुष अपनी बातें नहीं कह पा रहे हैं। रोज आत्महत्याएं कर रहे हैं। अभी न्यायाधीश ने अपनी पत्नी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। कुछ दिन पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपनी पत्नी से परेशान होकर जान दी। बिहार के आईएएस थे, वे अपनी पत्नी से परेशान होकर ट्रेन से कट गए। तो डेली जो ये मामले आ रहे हैं रुकने चाहिए। एक पुरुष आयोग का गठन होना चाहिए जिससे कि जब पुरुष अपनी बातें कह लेगा, एक प्लेटफॉर्म मिलेगा, तो वो आत्महत्याएं नहीं करेगा। राजनीति के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या के सफाई कर्मी पति आलोक मौर्या अब राजनीति में उतरना चाह रहे हैं। 5 मई को आलोक अपने साथियों के साथ प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मुलाकात करने पहुंचे। क्योंकि जब केशव मौर्या का हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा तो, जहां आलोक उनके स्वागत के लिए पहले से खड़े थे। आलोक मौर्या से जब पूछा गया कि क्या राजनीति में आना चाहते हैं? जवाब था जनता चाहती है कि मैं राजनीति में आकर सेवा करूं। मैं युवा हूं और लोग युवाओं से ज्यादा जुड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए। मैं उन्हीं से प्रेरित होकर शायद अगला कदम राजनीति की तरफ बढ़ाऊं। उन्होंने कहा- अभी फिलहाल प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में लगा हूं, स्वच्छ भारत अभियान मिशन में एक सेवक होकर सेवा दे रहा हूं। जैसी लोगों की इच्छा होगी, पार्टी का जैसा मन होगा वैसा करने को तैयार हूं। आलोक मौर्या ने सिविल की तैयारी को लेकर कहा कि चलती रहेगी। आलोक ने ज्योति के अफेयर सहित रिश्वत के भी लगाए थे आरोप आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए थे। दावा किया था कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गई, तो दूरी बना ली। आलोक ने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि, बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए थे। वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में चल रहे मुकदमे ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक के विवाद के बाद जिला कोर्ट प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे चल रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलोक मौर्या ने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, ज्योति मौर्या ने पति से छुटकारा पाने के लिए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों बेटियां भी ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जबकि, आलोक मौर्या प्रतापगढ़ में पंचायती राज विभाग में सफाईकर्मी के पद पर हैं। ज्योति मौर्या का टीचर से अफसर बनने तक का सफर ज्योति वाराणसी जबकि आलोक मौर्या आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उनकी शादी करीब 16 साल पहले 2010 में हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी बनीं। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से जॉइनिंग नहीं दी। साल-2015 में उनका चयन यूपी-पीसीएस में हुआ और वह एसडीएम बनीं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… रवि किशन बोले- मैं पंडित आदमी, मछली नहीं खाता:गोरखपुर में योगी ने बंगाल में मछली खाने वाले बयान पर ली चुटकी सीएम योगी ने मंगलवार को गोरखपुर में शिक्षामित्रों को सम्मानित किया। बढ़े हुए वेतन (18 हजार रुपए) की धनराशि के चेक बांटे। इस दौरान महेसरा में मछली मंडी के बहाने सीएम योगी ने सांसद रवि किशन के बंगाल में मछली खाने वाले बयान पर चुटकी ली। योगी ने कहा- महेसरा में पहले जाम लगता था, क्योंकि रवि किशन के पसंद की चीज यहां मिलती थी। इन्होंने कहा था कि बंगाल जीत के बाद खूब खाओ। इस दौरान पीछे से रवि किशन कहते रहे कि पंडित आदमी हूं, मैं नहीं खाता। लेकिन, योगी कहते रहे कि इनके घर भीड़ लगी थी। मैंने सोचा कि इनके यहां बना है। मैं जाम में फंसा था। योगी ने नाम लिए बिना मछली की ओर इशारा किया। पढ़ें पूरी खबर
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