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    सहारनपुर में मंदिर संपत्ति का फर्जी बनामा कराया:समिति सदस्यों ने भूमाफियाओं पर लगाया 50 लाख लेने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR

    3 hours ago

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    सहारनपुर में पंचायती शिव मंदिर की संपत्ति का फर्जी बैनामा कराने का मामला सामने आया है। मंदिर सुधार समिति का आरोप है कि मंदिर की जमीन पर भूमाफियाओं की नजर थी। आरोपियों ने 50 लाख रुपए में फर्जी बैनामा का करा लिया। समिति ने पुलिस को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद समिति ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना जनकपुर क्षेत्र के जेल चुंगी निवासी सुरेश राजभर और सुरेश ने, जो पंचायती शिव मंदिर सुधार समिति के सदस्य हैं, ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि रंजीत नगर बेरीबाग निवासी अक्षय कुमार यादव ने अन्य छह लोगों के साथ मिलकर मंदिर की संपत्ति का अवैध बैनामा कर दिया। आरोपियों में राजीव सोनकर, साहिल, राजा, कमलराज, गगन और विजय कुमार के नाम भी शामिल हैं। आरोप है कि विजय कुमार ने बैनामे में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि सभी आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचा और मंदिर की व्यावसायिक संपत्ति, जिसकी अनुमानित कीमत 40 से 50 लाख रुपए बताई गई है, को बेचकर हड़पने की योजना बनाई है। समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर संपत्ति को लेकर नगर मुंसिफ कोर्ट में वर्ष 2012 से मूल वाद संख्या 50/2012 विचाराधीन है। संबंधित संपत्ति का नगर पालिका संख्या 3/6467 है, जिसे पंचायती शिव मंदिर की सार्वजनिक संपत्ति बताया गया है। समिति सदस्यों का कहना है कि वे नियमित रूप से मंदिर की साफ-सफाई, देखरेख और हितों की रक्षा का कार्य करते हैं। प्रार्थियों ने दलील दी है कि सार्वजनिक मंदिर संपत्ति को बेचने का अधिकार किसी व्यक्ति विशेष को नहीं होता। यदि कोई ट्रस्ट या संस्था विधि अनुसार संपत्ति का हस्तांतरण करती भी है, तो बिक्री से प्राप्त धनराशि मंदिर के बैंक खाते में जमा कर धार्मिक और सार्वजनिक कार्यों में खर्च की जाती है। आरोप है कि आरोपियों ने न तो मंदिर समिति की अनुमति ली और न ही बिक्री की राशि मंदिर के खाते में जमा कराई। बल्कि आपस में मिलीभगत कर संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर निजी लाभ लेने का प्रयास किया गया। आरोप है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हैं और पूर्व में भी अन्य मंदिर संपत्तियों को बेचकर करोड़ों रुपए इकट्‌ठा कर चुके हैं।
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