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    सहारनपुर में शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष नजरबंद:निजी स्कूलों की समस्याओं पर ज्ञापन देने से रोका गया

    5 hours ago

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    सहारनपुर में मंगलवार को मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ ने निजी स्कूलों की विभिन्न समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी, लेकिन जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक को मुख्यमंत्री के 13 अप्रैल को सर्किट हाउस पहुंचने से पहले ही नजरबंद कर लिया गया। उन्हें पूरी रात पुलिस निगरानी में रखा गया। इसके बाद, 14 अप्रैल को दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में लेबर कॉलोनी स्थित बीडीएम स्कूल में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान शिक्षक नेता डॉ. अशोक मलिक ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो जनता भविष्य में सरकार की अनदेखी कर सकती है। निजी स्कूलों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल वर्तमान में "धर्म संकट" से गुजर रहे हैं। बाजार में एनसीईआरटी की किताबें या तो अनुपलब्ध हैं या ऊंचे दामों पर बेची जा रही हैं। उन्होंने सरकार से पर्याप्त मात्रा में एनसीईआरटी किताबें उपलब्ध कराने की मांग की ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। संगठन के जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा और वीरेंद्र पवार ने जानकारी दी कि वर्ष 2016 से अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति सरकार पर बकाया है। उन्होंने मांग की कि पहले इस बकाया राशि का भुगतान किया जाए, उसके बाद ही आरटीई के तहत नए प्रवेश कराए जाएं। महानगर अध्यक्ष अजय सिंह रावत और प्रभारी गययूर आलम ने स्कूल वाहनों की फिटनेस अवधि बढ़ाने की मांग की। उनका तर्क था कि स्कूल वाहन सीमित दूरी तय करते हैं, इसलिए उनकी फिटनेस अवधि कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए, जिससे स्कूलों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। इस कार्यक्रम में कई अन्य पदाधिकारी और शिक्षक भी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर सरकार से इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की अपील की।
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