Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सहारनपुर में दूल्हे ने लौटाए दहेज के 21 लाख:दूल्हा बोला–शादी दो परिवारों और दो दिलों का मिलन है, कोई सौदा नहीं

    13 hours ago

    1

    0

    पश्चिमी यूपी के सहारनपुर में 14 फरवरी की रात एक शादी समारोह आयोजित विवाह समारोह में दूल्हे ने दुल्हन पक्ष द्वारा दिए गए 21 लाख रुपए शगुन स्वरूप सम्मानपूर्वक लौटा दिए। जिसका उसके पिता ने समर्थन किया। सहारनपुर के छुटमलपुर निवासी रविंद्र राणा ने अपनी बेटी साक्षी राणा की शादी में परंपरा के तहत 21 लाख रुपए की राशि दूल्हे प्रफुल्ल सोम को भेंट की। रस्में चल रही थीं, मेहमान शुभकामनाएं दे रहे थे, तभी प्रफुल्ल सोम ने माइक संभाला और सबको चौंका दिया। उसने कहा कि “हम इस रिश्ते को किसी लेन-देन का माध्यम नहीं बनने देंगे। साक्षी हमारे घर की बहू ही नहीं, हमारी बेटी बनकर आ रही हैं। हमें किसी प्रकार का दहेज स्वीकार नहीं है।” उनके इतना कहते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई मेहमान भावुक हो गए और मंच के सामने खड़े होकर इस निर्णय का स्वागत किया। दूल्हे के पिता उपनिरीक्षक यशपाल सिंह सोम, जो मेरठ में तैनात हैं, ने भी मंच पर आकर बेटे के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा–मैं पुलिस विभाग में हूं और समाज में कानून व नैतिकता की बात करता हूं। अगर हम खुद ही दहेज लें, तो दूसरों को कैसे रोकेंगे? यह हमारा कर्तव्य है कि हम नई पीढ़ी के लिए सही उदाहरण पेश करें। उनकी इस बात पर भी उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। दुल्हन साक्षी राणा नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि दूल्हे प्रफुल्ल सोम भी नोएडा में ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। दोनों उच्च शिक्षित और आत्मनिर्भर हैं। साक्षी ने भावुक होकर कहा–मुझे गर्व है कि मैं ऐसे परिवार का हिस्सा बन रही हूं, जहां मेरी शिक्षा और संस्कार को महत्व दिया गया, न कि पैसों को। वहीं प्रफुल्ल सोम ने कहा–हम दोनों आत्मनिर्भर हैं। शादी दो परिवारों और दो दिलों का मिलन है, कोई सौदा नहीं। समारोह में मौजूद रिश्तेदारों और समाज के गणमान्य लोगों ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया। कई लोगों ने कहा कि यदि हर शिक्षित परिवार इसी तरह पहल करे, तो दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बरेली के मोहम्मदगंज में सामूहिक नमाज पर विवाद:हिंदुओं ने घरों पर लिखा 'मकान बिकाऊ है', पूरा गांव पलायन को मजबूर
    Next Article
    कानपुर पुलिस ने 101 गायब मोबाइल बरामद किए:25 लाख कीमत के फोन मालिकों को लौटाए, पुलिस को मिठाई खिलाकर बोले- धन्यवाद

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment