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    सुल्तानपुर में प्रभारी प्रधानाध्यापक सस्पेंड, लापरवाही के आरोप:निलंबित शिक्षक ने लगाए रिश्वत मांगने के आरोप, BSA ने बताया निराधार

    3 hours ago

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    सुल्तानपुर में प्राथमिक विद्यालय मकदूमपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार पांडे को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपेंद्र गुप्ता ने खंड शिक्षा अधिकारी कादीपुर की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। उन पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। शिक्षक पर डीबीटी योजना के तहत 59 में से केवल 34 बच्चों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में मात्र 16 बच्चे ही ड्रेस में पाए गए। विद्यालय में रंगाई-पुताई न होने, एमडीएम पंजिका को नियमित रूप से अपडेट न करने, वित्तीय अनियमितता और शौचालय में रनिंग वाटर की सुविधा न होने जैसी कई अन्य लापरवाही भी सामने आईं। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को गुमराह किया, पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता बरती और निरंकुशता के साथ अनुशासनहीनता की। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए ब्लॉक संसाधन केंद्र लंभुआ से संबद्ध किया है। खंड शिक्षा अधिकारी लंभुआ को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि नरेंद्र कुमार पांडे को पहले भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी कादीपुर से अनुचित व्यवहार करने, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहने और बीएसए कार्यालय के अनुचर से गाली-गलौज करने के आरोप लगे थे। निलंबित शिक्षक नरेंद्र कुमार पांडे ने अपने निलंबन को निराधार बताया है। उनका आरोप है कि उन्हें बिना किसी ठोस आधार और उचित जांच के परेशान करने के उद्देश्य से निलंबित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि विभाग के कुछ अधिकारी उनसे काम के बदले और निलंबन समाप्त करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिक्षक ने यह भी कहा कि उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी और उनका एक मामला अदालत में भी विचाराधीन है, जिसके कारण उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील यादव ने शिक्षक के इन आरोपों को निराधार बताया है। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने भी स्पष्ट किया कि निलंबन की कार्रवाई जांच के बाद की गई है और पैसों की मांग के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
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