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    सनी देओल@69; गुस्से में फाड़ी जींस:अनिल कपूर का गला दबाया; लड़ाई में पैर में घुसी रॉड, जानिए रियल लाइफ ‘गदर’ के किस्से

    6 hours ago

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    ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी कल्ट फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपने करियर की शुरुआत में स्ट्रगल कर रहे थे। इसी दौर में उन्हें एक फिल्म डायरेक्ट करने का मौका मिला। अनुराग इस कहानी को लेकर हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज एक्टर के पास पहुंच गए। कहानी सुनते ही एक्टर की आंखों में काम करने की चमक लौट आई। उन्होंने कहा, “बेटा, बहुत समय हो गया है मेरे मुंह पर मेकअप नहीं लगा। बहुत अच्छी कहानी है तुम्हारी, करते हैं।” दिग्गज एक्टर के साथ काम करना अनुराग के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था, लेकिन तभी कहानी में एक ट्विस्ट आया। एक्टर के बेटे को पता चला कि फिल्म के आखिर में उसके पिता के किरदार की मौत हो जाती है। उसने तुरंत अपने पिता को फिल्म करने से मना कर दिया। अनुराग ने जब इसकी वजह पूछी, तो बेटे ने बेझिझक कहा, “Deols don’t die यानी देओल्स नहीं मरते।” यह एक्टर थे धर्मेंद्र और उन्हें फिल्म करने से रोकने वाले उनके बेटे थे सनी देओल। आज सनी देओल के 69वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे ही अनसुने किस्से… बचपन में धर्मेंद्र के को-एक्टर को गोली मारने निकले साल था 1961 और सनी देओल महज 4 साल के थे। एक दिन उनके घर पर ऐसा शख्स पहुंचा, जिसे देखकर नन्हे सनी को गुस्सा आ गया। उन्होंने एयर गन उठाई और पूरे घर में घूमने लगे। जब मां प्रकाश कौर ने पूछा कि आखिर वह कर क्या रहे हैं, तो सनी गुस्से में बोले, “मैं इसे गोली मारूंगा। इसने फिल्म में मेरे पापा को मारा था।” दरअसल, सनी ने अपने पिता धर्मेंद्र की 1961 में आई फिल्म ‘शोला और शबनम’ देखी थी। फिल्म में अभिनेता एम. राजन ने धर्मेंद्र के किरदार के साथ मारपीट की थी। नन्हे सनी के मन में यह बात बैठ गई कि इस शख्स ने उनके पापा को मारा है। उन्हें यह समझ नहीं आया कि पर्दे पर दिखने वाली लड़ाई सिर्फ एक्टिंग थी। संयोग से कुछ समय बाद एम. राजन असल जिंदगी में धर्मेंद्र से मिलने मुंबई के खार स्थित उनके घर पहुंचे। उन्हें देखते ही सनी को फिल्म वाला वही सीन याद आ गया। ड्राइवर की गोदी में बैठकर कार चलाते थे सनी देओल बचपन से ही काफी शरारती थे। उन्हें गाड़ियां चलाने का इतना शौक था कि महज 12-13 साल की उम्र में ही उन्होंने चोरी-छिपे कार चलानी शुरू कर दी थी। शुरुआत में वे ड्राइवर की गोदी में बैठकर भी कार चलाते थे। सनी ने ‘आप की अदालत’ जैसे कई इंटरव्यू में यह बताया कि जब घर के सभी लोग सो जाते थे, तो वे चुपके से गाड़ी की चाबी उठाते और गाड़ी लेकर निकल जाते थे। इस दौरान उन्होंने कई बार गाड़ियों को टक्कर भी मार दी थी। मैशेबल इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में सनी ने बताया था कि वह अपनी कार में तलवारें, धातु की छड़ें और हॉकी स्टिक रखते थे। सनी देओल के पैर में रॉड घुस गई थी दमदार डायलॉग और एक्शन के लिए मशहूर सनी की असल जिंदगी में भी कई बार लड़ाइयां हुईं। सनी की एक लड़ाई इतनी खतरनाक थी कि वह अकेले कई लोगों से भिड़ गए थे और उन पर रॉड से हमला हुआ था। सनी ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर बताया था कि एक लड़ाई में उनके पैर में रॉड घुस गई थी। यह लड़ाई ईगो की वजह से शुरू हुई थी। उस वक्त वह अकेले लड़ रहे थे, जबकि उनके साथ आए लोग डर के मारे कार में ही बैठे रहे। सनी ने कहा था कि भगवान की कृपा थी कि उन्हें सिर पर कोई गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी इस तरह की लड़ाइयों में नहीं पड़ना चाहिए। अपनी गलती होने पर सनी ने माफी भी मांगी थी सनी देओल ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर स्कूल के दिनों का एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया कि उस वक्त वह दोस्तों के साथ कार में जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक खूबसूरत लड़की दिखी। सनी ने उसे देखकर कुछ कह दिया। हालांकि, उनका इरादा बदतमीजी करने का नहीं था, बल्कि दोस्तों के साथ मस्ती करने का था। इसके बाद सनी अपने दोस्त के घर पहुंचे। तभी पीछे से एक कार आई और उनके पास आकर रुक गई। कार से एक लड़का उतरा और सनी से सवाल करने लगा। सनी ने उससे पूछा, ‘तू कौन है?’ इस पर लड़के ने जवाब दिया कि वह उसी लड़की का भाई है, जिसे सनी ने रास्ते में देखकर कुछ कहा था। सनी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उस लड़के से कहा, ‘मैं गलत हूं। अगर तू मुझे मारना चाहता है, तो मार ले। मैंने तेरी बहन से कुछ कहा है, तो मेरी गलती है।’ सनी ने कहा कि जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने उसे मानने में देर नहीं की। उनके मुताबिक, वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। अगर गलती अपनी है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए। क्रिकेट मैच में हुई लड़ाई, पुलिस सनी को अपने साथ ले गई फिल्मों में आने से पहले सनी देओल का गुस्सा एक बार क्रिकेट मैच के दौरान फूट पड़ा था। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर सनी ने इस किस्से के बारे में बताया था। दरअसल, सनी 20 साल के आसपास थे। उन्होंने फिल्मों में डेब्यू भी नहीं किया था। एक दिन वे अपने दोस्तों के साथ भारत और न्यूजीलैंड का क्रिकेट मैच देखने पहुंचे। सनी नॉर्थ स्टैंड में बैठे थे। तभी वहां मौजूद कुछ लोगों को पता चला कि वे धर्मेंद्र के बेटे हैं। इसके बाद लोग उन्हें परेशान करने लगे। बात तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने उन पर सिगरेट के टुकड़े फेंकने शुरू कर दिए। सनी को यह हरकत बिल्कुल पसंद नहीं आई। उन्होंने अपना आपा खो दिया और लोगों से भिड़ गए। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। सनी ने बताया था कि उस वक्त उन्हें कुछ समझ नहीं आया और वे लड़ने लगे। हालात बिगड़ने पर पुलिस वहां पहुंची थी। इस घटना को याद करते हुए सनी ने कहा था कि जब कोई हद पार कर देता है, तो ऐसी स्थिति बन जाती है। गुस्से में दबाया अनिल कपूर का गला, अटक गई थीं सांसें सनी देओल और अनिल कपूर के बीच एक वक्त ऐसा भी आया था, जब दोनों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। साल 1988 में आई फिल्म ‘राम अवतार’ की शूटिंग के दौरान एक फाइट सीन में सनी देओल को अनिल कपूर का गला पकड़ना था, लेकिन सीन के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि सनी ने अनिल का गला जोर से दबा दिया। बताया जाता है कि अनिल कपूर की सांसें अटकने लगी थीं। डायरेक्टर के कट बोलने के बाद भी सनी ने तुरंत हाथ नहीं हटाया। ऐसे में सेट पर मौजूद लोगों को बीच में आना पड़ा। हालांकि, दोनों के बीच तनाव की शुरुआत इससे पहले फिल्म ‘जोशीले’ के दौरान हुई थी। बताया जाता है कि फिल्म के पोस्टर और क्रेडिट्स में अनिल कपूर का नाम सनी देओल से ऊपर रखा गया था। इससे सनी नाराज थे। उन्हें लगता था कि उनके किरदार के बावजूद अनिल को ज्यादा तारीफ मिल रही थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ‘राम अवतार’ के बाद दोनों ने 1989 में फिल्म ‘इंतकाम’ में भी साथ काम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान भी दोनों के बीच एक सीन को लेकर बहस हो गई थी। इन घटनाओं के बाद दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ गई और उन्होंने फिर लंबे समय तक साथ काम नहीं किया। ‘घायल’ को प्रोड्यूस करने को तैयार नहीं था साल 1990 में सनी देओल की एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था ‘घायल’। इस फिल्म ने सनी देओल के करियर को नई पहचान दी। फिल्म का डायलॉग, “बलवंत राय के कुत्तों, सामने आओ!” आज भी लोगों को याद है, लेकिन इस फिल्म को बनाना आसान नहीं था। दरअसल, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी जब फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर प्रोड्यूसर्स के पास गए, तो किसी ने भी फिल्म बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद थक-हारकर जब सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने यह कहानी धर्मेंद्र को सुनाई, तो धर्मेंद्र ने कहानी पर भरोसा जताया और अपने होम प्रोडक्शन हाउस ‘विजयता फिल्म्स’ के बैनर तले इसे खुद प्रोड्यूस करने का फैसला किया। इसके बाद ‘घायल’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। फिल्म में सनी देओल की एक्टिंग और उनके अंदाज को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म के लिए सनी देओल को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में स्पेशल जूरी अवॉर्ड मिला। सनी देओल को पाकिस्तानी भी देते हैं खूब प्यार सनी देओल की फिल्मों में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ने वाले किरदार काफी मशहूर रहे हैं। खासकर ‘गदर’ में तारा सिंह का किरदार आज भी लोगों को याद है। हालांकि, रियल लाइफ में पाकिस्तान के लोग भी सनी देओल को बहुत प्यार देते हैं। ‘आप की अदालत’ में सनी देओल ने बताया था कि जब भी वे इंग्लैंड या दुबई गए, वहां उन्हें पाकिस्तानी लोग मिले। उन्होंने सनी को खूब प्यार दिया, गले लगाया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। वाघा बॉर्डर पर भी उन्होंने दूसरी तरफ खड़े लोगों को हाथ हिलाते और प्यार जताते देखा था। सनी ने कहा था कि कलाकार किसी एक देश के लिए नहीं होते, बल्कि सभी के लिए होते हैं। फिल्मों में कहानी के हिसाब से हीरो और विलेन होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे किसी के खिलाफ हैं। उन्होंने तारा सिंह के किरदार का उदाहरण देते हुए कहा कि तारा सिंह को बस अपने परिवार से मतलब है। वह चाहता है कि उसका परिवार जहां भी रहे, सुरक्षित और खुश रहे। उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका परिवार हिंदुस्तान में रहे या पाकिस्तान में। गुस्से में खुद की ही जींस फाड़ दी थी सनी देओल को एक बार इतना गुस्सा आया कि उन्होंने सेट पर अपनी ही जींस फाड़ दी थी। यह किस्सा साल 1993 में आई फिल्म ‘डर’ की शूटिंग का है। फिल्म में सनी देओल ने एक कमांडो का किरदार निभाया था, जबकि शाहरुख खान विलेन बने थे। फिल्म के एक सीन को लेकर सनी और डायरेक्टर यश चोपड़ा के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। सीन में शाहरुख का किरदार सनी को चाकू मार देता है। सनी का मानना था कि एक ट्रेंड कमांडो को इतनी आसानी से कोई चाकू कैसे मार सकता है? लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई, तो सनी को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अपनी जींस की जेबों में हाथ डालकर इतनी जोर से खींचा कि जींस फट गई। सेट पर मौजूद लोग यह देखकर हैरान रह गए थे। ‘दामिनी’ में सनी नहीं, ओम पुरी बनने वाले थे वकील फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल का वकील गोविंद वाला किरदार बेहद पॉपुलर हुआ, लेकिन डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने बताया था कि पहले इस रोल के लिए ओम पुरी के बारे में सोचा गया था। संतोषी चाहते थे कि ओम पुरी और अमरीश पुरी के बीच फिल्म में टकराव दिखाया जाए, लेकिन फीस को लेकर निर्माता और ओम पुरी के सेक्रेटरी के बीच गलतफहमी हो गई। इसके बाद संतोषी ने सनी देओल को इस भूमिका के लिए संपर्क किया। सनी उस समय ‘घायल’ की सफलता के बाद बड़े स्टार बन चुके थे। इसके बावजूद, उन्होंने यह जानते हुए भी कि ‘दामिनी’ मुख्य रूप से मीनाक्षी शेषाद्रि की कहानी है और उनका रोल सेकेंड हाफ में एक सपोर्टिंग कैरेक्टर के रूप में है, बिना किसी नखरे या बड़ी शर्त के तुरंत इस रोल के लिए हां कह दिया था। ‘घातक’ में कमल हासन को लेने की प्लानिंग थी संतोषी ने बताया था कि वह कमल हासन के बहुत बड़े फैन थे और उन्होंने फिल्म ‘घातक’ के लिए उनसे बात भी की थी, लेकिन फिल्म के बजट और फीस को लेकर उनके पार्टनर भारत शाह के साथ सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सनी देओल फिल्म का हिस्सा बने। फिल्म 1996 में रिलीज हुई और सनी के करियर की प्रमुख एक्शन फिल्मों में शामिल हो गई। इम्तियाज को डराया गया कि सनी थप्पड़ मार सकते हैं फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने ‘लल्लनटॉप’ के साथ बातचीत में बताया था कि जब उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म ‘सोचा ना था’ की कहानी सनी देओल को सुनानी थी, तब कुछ लोगों ने उन्हें डराया था कि सनी एक बड़े एक्शन स्टार और एंग्री यंग मैन हैं, और तुम उन्हें एक ऐसी प्रेम कहानी सुनाने जा रहे हो, जिसमें हीरो को थप्पड़ पड़ता है। वह शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं, क्या होगा अगर उन्होंने गुस्से में तुम्हें सचमुच एक थप्पड़ मार दिया? इम्तियाज ने बताया था कि सनी ने उन्हें शिमला बुलाया था। वह बारिश के दौरान कहानी सुनाने पहुंचे। सनी ने कहानी सुनी और फिल्म बनाने के लिए तैयार हो गए। इम्तियाज के मुताबिक, इस मुलाकात ने सनी को लेकर उनकी धारणा बदल दी। उन्हें सनी एक शर्मीले और संवेदनशील इंसान लगे। सनी देओल के एक मुक्के से कार का शीशा चटक गया था बॉबी देओल ने कपिल शर्मा के शो में बताया कि एक दिन वह घर के नीचे टहलने गए, तो उन्होंने सनी की कार की खिड़की का शीशा चटका हुआ देखा। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा कि क्या नारियल गिरने से ऐसा हुआ है। पूछने पर सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें बताया कि सनी को गुस्सा आया था और उन्होंने कार की खिड़की पर जोर से हाथ मारा था, जिससे शीशा चटक गया। बॉबी ने मजाक में सनी को असली जिंदगी का सुपरमैन बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सनी जितनी ताकत वाला इंसान कभी नहीं देखा। श्रीदेवी के साथ डांस से घबराए थे सनी देओल 1989 में फिल्म ‘चालबाज’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर सनी देओल और श्रीदेवी के बीच एक मजेदार किस्सा हुआ। फिल्म के डायरेक्टर पंकज पराशर ने भी एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि गाने ‘ना जाने कहां से आई है’ में श्रीदेवी के साथ डांस करना था। डांस को लेकर सनी इतने घबराए कि शूटिंग शुरू होने से पहले ही सेट से गायब हो गए। वह करीब दो घंटे तक नहीं मिले और श्रीदेवी इंतजार करती रहीं। ‘गदर 2’ से सनी ने शानदार वापसी की साल 2001 में सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, इसके बाद 2023 तक उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन इनमें से ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप या औसत रहीं। इस दौरान उन्हें ‘गदर’ जैसी कोई बड़ी ब्लॉकबस्टर सफलता नहीं मिली। साल 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ से सनी देओल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार वापसी की। करीब 75 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 686 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। इसके बाद जनवरी 2026 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर 2’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने दुनियाभर में 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की और 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों में अपनी जगह बनाई। अब सनी देओल नवंबर 2026 में रिलीज होने वाली फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ में भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। .............. यह खबर भी पढ़ें... सुनील शेट्टी@65- धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं: को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन ‘दूधवाला’ कहते हैं बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी को प्यार से ‘अन्ना’ कहा जाता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि 90 के दशक में उन्हें करीब डेढ़ साल तक अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आते रहे थे। जब गैंगस्टर हेमंत पुजारी ने उनके पिता को गोली मारने की धमकी दी, तो सुनील ने भी उसे उसी की भाषा में जवाब दिया था। इसके अलावा, उन्होंने बताया था कि महज 15 साल की उम्र में वह दूसरे छात्रों और पुलिस जवानों को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देने लगे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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