Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सोनभद्र में आशा कार्यकर्ताओं का सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन:लंबित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक के भुगतान की मांग

    2 hours ago

    1

    0

    सोनभद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष तारा देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से फंड जारी होने के बावजूद उनका भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान के नाम पर उनसे अवैध वसूली की जाती है और शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। जिला सचिव जानकी देवी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में योगदान दे रही हैं, लेकिन उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में वर्ष 2018 से किए गए कार्य का भुगतान अब तक नहीं मिला है। जानकी देवी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी आशा कार्यकर्ताओं को प्राप्त नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने कुष्ठ रोग, टीबी, दस्तक और संचारी रोग अभियानों सहित कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों में किए गए कार्य की प्रोत्साहन राशि भी वर्षों से लंबित होने की बात कही। आभा आईडी (ABHA ID) के सृजन में 1 जनवरी 2023 से किए गए कार्य का भुगतान भी 2024 से अधूरा और कम किया जा रहा है। धरना दे रहीं आशाओं ने बताया कि "दस्तक और संचारी अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में उन्हें मात्र 10 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि पर काम करने को मजबूर किया जाता है, जबकि इस कार्य में पूरा दिन घर-घर जाकर निरीक्षण और लोगों को जागरूक करने में लग जाता है।" आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सभी लंबित भुगतान नहीं किए गए, तो वे दोबारा हड़ताल करने को विवश होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    जेल में बंदी ने खुद को आग लगाकर दी जान:लकड़ियों और पत्तों के ढेर पर बैठकर लगाई माचिस, डिप्टी जेलर समेत 3 निलंबित
    Next Article
    सुल्तानपुर में चोरों ने ट्रांसफार्मर खोखला किया:बिजली विभाग को लाखों का नुकसान, JE ने लिखाया एफआईआर; पुलिस जांच में जुटी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment