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    सपा ने जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग की:रामपुर के 38 भवनों को गिराने के खिलाफ मऊ में प्रदर्शन

    7 hours ago

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    मऊ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर 1:30 बजे को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष हाफिज सरफराज अहमद ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ी है। ज्ञापन में मांग की गई कि कोई भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि विश्वविद्यालय के निर्माण, नक्शे या भूमि से संबंधित कोई विवाद है, तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किया जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। भविष्य संवारने के उद्देश्य से स्थापित सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और युवाओं का भविष्य संवारने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। उनका दावा है कि यह विश्वविद्यालय लंबे समय से शिक्षा प्रदान कर रहा है, लेकिन वर्तमान में राजनीतिक द्वेष के कारण इसकी इमारतों को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में था। उस समय उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 या किसी अन्य कानून के तहत निर्माण की अनुमति लेना आवश्यक नहीं था। 62 नए राजस्व गांव शामिल साथ ही, यह क्षेत्र आरबी एक्ट, 1958 के तहत रेगुलेटेड एरिया में भी शामिल नहीं था, इसलिए उस अधिनियम के अंतर्गत अनुमति प्राप्त करने का प्रश्न नहीं उठता था। सपा नेताओं ने बताया कि 27 सितंबर 2024 को रामपुर विकास प्राधिकरण में 62 नए राजस्व गांव शामिल किए गए, जिनमें ग्राम सींगनखेड़ा भी था। उनका तर्क है कि विश्वविद्यालय का निर्माण इससे पहले ही पूरा हो चुका था। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि रामपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होगी। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल से मांग की कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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