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    सीरिया-लीबिया जंग में शामिल रहा US नागरिक भारत में गिरफ्तार:NIA ने 6 यूक्रेनी भी पकड़े; आरोप- ये म्यांमार में विद्रोहियों को सपोर्ट कर रहे थे

    21 hours ago

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    नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता से 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। इनमें यूक्रेन के छह और एक अमेरिकी नागरिक शामिल है। एजेंसी के मुताबिक ये लोग भारत खासकर नॉर्थ-ईस्ट में उग्रवाद को समर्थन कर रहे थे। साथ ही म्यांमार के सशस्त्र समूहों तक हथियार पहुंचाने, लड़ाकों को ट्रेनिंग देने और ट्रेनिंग कैंप्स को सपोर्ट कर रहे थे। इसके लिए यूरोप से मंगाए गए ड्रोन का इस्तेमाल करने की तैयारी थी, जिसमें ड्रोन चलाना, बनाना और उसे रोकने की तकनीक शामिल थी। गिरफ्तार लोगों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक भी शामिल है। मैथ्यू 2011 के लीबिया सिविल वॉर और सीरिया गृह युद्ध में सत्ता के खिलाफ लड़ाई में विदेशी फाइटर के रूप में शामिल हुआ था। उसने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी युवाओं को भी ट्रेनिंग दी है। आरोपियों को ले जाने की 4 तस्वीरें… यूक्रेन ने अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू के अलावा यूक्रेन के हुर्बा पेट्रो, तारास स्लीव्याक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफानकिव, मैक्सिम होनचारुक और विक्टर कामिंस्की को भी गिरफ्तार किया है। इन पर आतंकवादी साजिश (धारा 18) और BNS के तहत केस दर्ज किया है। इस बीच यूक्रेन ने भारत को विरोध पत्र भेजकर अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की है। मैथ्यू एरॉन वैनडाइक के बारे में जानें… मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है। वह एक भाड़े का सिपाही, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, सुरक्षा विश्लेषक और 'सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)' नाम की संस्था के संस्थापक है। मैथ्यू ने वॉर कॉरेस्पोंडेंट और बिजनेसमैन के तौर पर भी काम किया है। वह पहली बार 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया, जब वहां मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ विद्रोही बलों में शामिल हुआ। इसके बाद उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया में बगावत में मदद की और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में लोगों को ट्रेनिंग दी। एजेंसी का आरोप है कि वैन डाइक म्यांमार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं। हालांकि, इस केस में पूरी जानकारी अभी जांच के दायरे में है और एजेंसी आगे पड़ताल कर रही है। कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा…
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