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    सिद्धार्थनगर में विकास योजनाओं की सुस्ती पर डीएम सख्त:PM योजनाओं से लेकर सड़क और जल जीवन मिशन में लापरवाही, DM बोले-ढिलाई बर्दाश्त नहीं

    4 hours ago

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    सिद्धार्थनगर में गुरुवार को सिद्धार्थ सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आ गई। अधिकांश विभागों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में विभागवार खामियां उजागर हुईं। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, छात्रवृत्ति और विभिन्न पेंशन योजनाओं में प्रगति काफी धीमी पाई गई। कई मामलों में लाभार्थियों का सत्यापन अधूरा रहा, जिससे पात्र लोग योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। विद्युत विभाग की स्थिति भी चिंताजनक मिली। खराब ट्रांसफार्मर समय पर नहीं बदले जा रहे हैं और बिजली आपूर्ति शेड्यूल के अनुसार नहीं हो पा रही है। स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को भी अब तक नहीं हटाया गया, जिसे डीएम ने गंभीर लापरवाही माना। पीएम सूर्य घर योजना और जीरो पावर्टी योजना में भी प्रगति बेहद धीमी रही। स्वयं सहायता समूहों का गठन और उन्हें वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई। निर्माण कार्यों की समीक्षा में सामने आया कि कई परियोजनाएं समयसीमा से पीछे चल रही हैं। लोक निर्माण विभाग की सड़कों का निर्माण अधूरा है और गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत बने ओवरहेड टैंक कई जगहों पर शुरू नहीं हो सके हैं, जिससे लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं मिल पा रही। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सीएमआईएस पोर्टल पर डेटा फीडिंग भी समय पर नहीं की जा रही, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही है। वहीं बैठक में सोलर लाइट, एम्बुलेंस सेवा (102), डायलिसिस कार्यक्रम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, पेंशन योजनाएं, पशु टीकाकरण और कृषि योजनाओं में भी प्रगति कमजोर पाई गई। डीएम ने सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका असर दिखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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