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    शाहजहांपुर में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को बनाया बंधक:कार्य न करने का आरोप, एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना

    2 hours ago

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    शाहजहांपुर की सदर तहसील में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को उनके ही कार्यालय में बंधक बना लिया। उन पर लापरवाही और काम न करने का आरोप लगाया गया है। यह घटना करीब दो घंटे तक चली। अधिवक्ता एसडीएम सदर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते रहे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पीड़ितों के काम के लिए जब वे तहसीलदार के कार्यालय जाते हैं, तो कोई कार्य नहीं किया जाता और उन्हें टहलाया जाता है। उन्होंने तहसीलदार को हटाने की मांग की है। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई। कई अधिवक्ता अपने कार्यों के संबंध में तहसीलदार सत्येंद्र कटियार के कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने जब उनसे आवश्यक कार्य करने को कहा, तो तहसीलदार ने कथित तौर पर मना कर दिया, जिससे विवाद बढ़ गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को उनके कार्यालय के अंदर ही बंधक बना लिया। लगभग एक घंटे तक तहसीलदार और अधिवक्ता कमरे के अंदर रहे। बाद में, एसडीएम सदर ने हस्तक्षेप किया और तहसीलदार को उनके कार्यालय से निकालकर अपने कार्यालय में भेजा। इसके बावजूद, अधिवक्ताओं ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम सदर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं के साथ उनकी बातचीत बेअसर रही। अधिवक्ताओं का मुख्य आरोप है कि दाखिल-खारिज के नामांतरण आदेशों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारी समय न होने का बहाना बनाते हैं, जबकि बाद में कई आदेश पारित हो जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों पर "संत स्वभाव" का होने का व्यंग्य करते हुए कहा कि इससे जनता और अधिवक्ता दोनों परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तहसीलदार को हटाने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सदर तहसील में कोई भी कार्य बिना पैसे दिए नहीं किया जाता है। उनका दावा है कि "सुविधा शुल्क" मिलने के बाद काम आसानी से हो जाते हैं।
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