Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शहीद का शव देख मां बोलीं- चेहरा क्यों ढका है:अयोध्या में शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोई, तबीयत बिगड़ने से हुई थी मौत

    17 hours ago

    1

    0

    सेना में सूबेदार रहे देवेश सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अयोध्या में कर दिया गया। उनकी चिता को पिता ने मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देने से पहले पिता शव से लिपटकर फूट रोए। उन्होंने कहा कि बेटा इतनी जल्दी साथ छोड़कर चला जायेगा कभी सोचा नहीं था। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। देवेश अमर रहे, के नारे लगाए। देवेश सिंह का लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर इलाज के दिल्ली में भर्ती कराया गया था। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार को रात में जवान का शव थाना बाबा बाजार के हंसराजपुर पूरे विशेन गांव लाया गया। शव देखकर परिजन फूट फूटकर रोने लगे। वे शव से लिपट गए। घरवाले बार -बार कह रहे थे कि वह उन्हें छोड़कर नहीं जा सकते। मां ने कहा-चेहरा क्यों ढक कर रखा है। कफन हटा दो। बेटे का एक बार चेहरा दिखा दो। अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ शहादत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देवश का शव घर के बाहर रखा गया है। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उसके बाद उनके पिता से बात की। उनसे घटना की जानकारी ली। उन्हें सांत्वना दिया। बेटे को याद कर घरवाले बार-बार बिलख रहे थे। पिता बोले- बेटा बचपन से देश की सेवा करना चाहता था पिता रमेश सिंह ने बताया- देवेश बचपन से ही देश सेवा देश की सेवा करना चाहते थे। घरवालों को अपनी इच्छा बताई थी। परिवार के लोग भी उसके साथ थे। जब उसे सेना में नौकरी मिली थी तो पूरे गांव के लोग सुनकर बहुत ही ज्यादा खुश हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा इतनी जल्दी उन्हें छोड़कर चला जाएगा। देवेश तीन बहनों में इकलौते भाई थे। दो बहनों की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बहन पढ़ाई कर रही है। मां बोलीं- इतनी जल्दी बेटा साथ छोड़ा देगा सोचा नहीं था मां ने कहा- देवेश घर का दुलारा था। सभी उसे बहुत प्यार करते थे। वह सभी के साथ हसंते खेलते रहता था। उसका बचपन से ही सपना था कि देश की सेवा करे। वह हमेशा कहता था मां मैं एक दिन बड़ा आदमी बनूंगा। उसने छुट्टी लेकर जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन इतनी जल्दी साथ छोड़ देगा मालूम नहीं थाउसने छुट्टी लेकर जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन इतनी जल्दी साथ छोड़ देगा सोचा नहीं था। 28 जनवरी को बिगड़ी थी तबीयत परिजन के अनुसार- देवेश सिंह आठ साल से भारतीय सेना में तैनात थे। 28 जनवरी को लेह-लद्दाख में तैनाती के दौरान देवेश सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें जम्मू-कश्मीर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर किया गया था। शनिवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। ये खबर भी पढ़ें…. महाकाल से लौट रहे यूपी के 4 दोस्तों की मौत, कोटा में कार ट्रक में घुसी, शव बुरी तरह फंसे कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के 4 लड़कों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार चारों युवक बुरी तरह से फंस गए थे। पढ़िए पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    50 घंटे बाद भी युवक का शव नहीं मिला:गंग नहर में तीसरे दिन भी सर्च अभियान जारी, दोस्तों पर धक्का देने का है आरोप
    Next Article
    सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन:एटा में 200 कर्मचारियों की ACP लागू नहीं, वेतन पत्र भी जारी नहीं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment