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    शेखर हत्याकांड में महिला समेत 3 बेटों को फांसी:उधार दिए 70 हजार मांगने पर पीटकर मार डाला था, 50-50 हजार का जुर्माना लगाया

    2 hours ago

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    मुजफ्फरनगर के शेखर हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने आरोपी महिला मुकेश और उनके तीन बेटों प्रदीप, संदीप तथा सोनू को हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सज़ा सुनाई। अदालत ने इस वारदात को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी का अपराध मानते हुए यह कठोरतम सजा सुनाई। हालांकि, यह सजा इलाहाबाद हाई कोर्ट की पुष्टि के बाद ही प्रभावी होगी। कोर्ट ने चारों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरी राशि मृतक शेखर की मां और शिकायतकर्ता राजबाला को देने का निर्देश दिया गया है। सरकारी अधिवक्ता राजीव शर्मा के अनुसार, यह मामला 17 सितंबर 2019 का है। भौंराकलां थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी सुदीयान में शेखर अपने करीब 70 हजार रुपये की उधारी वापस लेने के लिए आरोपियों के घर गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि महिला मुकेश और उनके तीनों बेटों ने मिलकर शेखर पर ईंटों और डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण शेखर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक की मां राजबाला की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना को सुनियोजित और निर्मम बताते हुए मजबूत पैरवी की, जिसे अदालत ने भी स्वीकार किया। लगातार सुनवाई और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आरोपियों का अपराध अत्यंत गंभीर और समाज के लिए खतरा है। इसलिए इसे 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी में रखते हुए मृत्युदंड उचित है। इस फैसले के बाद इलाके में न्यायिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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