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    शनिवार को हड़ताल पर जाएंगे Gig Workers, जानें क्या है उनकी मांगें?

    13 hours ago

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    शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक गिग वर्कर हड़ताल पर रहेंगे। वे 20 रुपये प्रति किलोमीटर के नए किराए की मांग कर रहे हैं। इससे कल खाद्य वितरण प्रभावित होगा। श्रमिक प्रति किलोमीटर 20 रुपये के न्यूनतम किराए के साथ संशोधित भुगतान संरचना की मांग कर रहे हैं। श्रमिकों के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों और दैनिक खर्चों में वृद्धि के कारण वर्तमान आय अव्यवहारिक हो गई है। उन्होंने एग्रीगेटर कंपनियों से डिलीवरी पार्टनर और ड्राइवरों के लिए बेहतर वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियां प्रदान करने का आग्रह किया है। इसे भी पढ़ें: सत्ता संभालते ही हिंदुत्व मॉडल के जरिये बंगाल में बड़े बदलाव ले आये सुवेंदु अधिकारीविरोध प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में खाद्य वितरण सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। चूंकि कई श्रमिक आंदोलन में भाग ले रहे हैं, इसलिए ग्राहकों को डिलीवरी में देरी या डिलीवरी सेवाओं की उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ सकता है। स्विगी, ज़ोमैटो, ब्लिंकइट, ज़ेप्टो, ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों से जुड़े लाखों कर्मचारी अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से साइकिल और स्कूटर पर निर्भर हैं। यूनियन के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों से उनकी दैनिक बचत लगातार कम हो रही है।यूनियन ने कंपनियों से गिग वर्करों के लिए न्यूनतम सेवा दर 20 रुपये प्रति किलोमीटर तय करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होते ही ईंधन की लागत तुरंत बढ़ जाती है, लेकिन कंपनियां डिलीवरी शुल्क या प्रति किलोमीटर भुगतान में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं करती हैं। जीआईपीएसडब्लू की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी में लंबे समय तक काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारी पहले से ही दबाव में हैं। इसे भी पढ़ें: West Bengal Assembly के नए अध्यक्ष बने BJP के रथिंद्र बोस, Suvendu Adhikari ने कुर्सी तक पहुंचायाउन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं और चेतावनी दी कि अगर कंपनियां भुगतान बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लेती हैं तो आंदोलन और तेज हो सकता है। राष्ट्रीय समन्वयक निर्मल गोराना ने बताया कि देश में लगभग 1 करोड़ 20 लाख गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर हैं। इनमें फूड डिलीवरी, ग्रोसरी डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और कैब सेवाओं से जुड़े वर्कर शामिल हैं।
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