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    शराब माफिया मनोज जायसवाल की करोड़ों की संपत्ति कुर्क:सहारनपुर डिस्टलरी कांड से जुड़ा है 35 करोड़ का घोटाला, गैंगस्टर एक्ट में प्रशासन ने जब्त की जमीन

    6 hours ago

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    यूपी के चर्चित शराब कारोबारी और माफिया मनोज जायसवाल के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। सहारनपुर के टपरी डिस्टलरी कांड और करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले में जिला मजिस्ट्रेट सहारनपुर के आदेश पर बरेली प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बारादरी और इज्जतनगर थाना क्षेत्र में उसकी भारी संपत्तियां कुर्क कर दी हैं। ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराकर पुलिस और राजस्व टीम ने हरुनगला स्थित कीमती प्लॉट और अन्य संपत्तियों पर जब्ती का बोर्ड लगा दिया है। सहारनपुर डिस्टलरी कांड: 35 करोड़ का घोटाला इस पूरे मामले की जड़ सहारनपुर की को-ऑपरेटिव लिमिटेड कम्पनी (टपरी डिस्टलरी) है। जांच में सामने आया कि मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल और उनके गिरोह ने महज 11 महीनों में 35 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी की चोरी की थी। गिरोह ने फैक्ट्री के गेट से एक ही गेट-पास पर शराब के दो-दो ट्रक निकालने, जीपीएस (GPS) और सीसीटीवी (CCTV) जैसे तकनीकी उपकरणों से छेड़छाड़ करने और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर सरकार को राजस्व की भारी चपत लगाई। इसी काली कमाई से गिरोह ने अपने और परिवार के नाम पर बेहिसाब संपत्तियां खड़ी की। बरेली से लेकर लखनऊ तक मुकदमों का जाल मनोज जायसवाल और उसके करीबियों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है।मनोज और उसके भाई नीरज पर लखनऊ एसआईटी (SIT) में धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। सहारनपुर के थाना जनकपुरी में गिरोह के सरगना प्रणय अनेजा, मनोज जायसवाल, नीरज जायसवाल और अजय जायसवाल सहित अन्य पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।इनके खिलाफ कानपुर के गोविंद नगर थाने में भी आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। मनोज पर करीबियों के आईडी कार्ड का इस्तेमाल कर बेनामी शराब गोदाम और दुकानें चलाने के भी आरोप रहे हैं। कौन-कौन सी संपत्तियां हुईं कुर्क? प्रशासन का सख्त संदेश जिला मजिस्ट्रेट सहारनपुर के आदेश के अनुपालन में बरेली के उप जिलाधिकारी सदर ने कुर्की के लिए नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों की विशेष टीम गठित की थी। इन संपत्तियों के प्रबंधन के लिए बरेली के जिला मजिस्ट्रेट को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
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