Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    श्रावस्ती में 3 मौतों की जांच:जन्मजात बीमारी और टीबी से हुई मौतें, सीएमओ बोले- हर क्षेत्र में अलर्ट है स्वास्थ्य टीम

    53 minutes ago

    1

    0

    श्रावस्ती में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन गांवों में बीते कुछ दिनों में हुई तीन मौतों की जांच की है। टीम ने मृतकों के परिजनों से जानकारी ली उनके इलाज से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार 2:00 बजे बताया की जांच में पता चला कि ये मौतें अलग-अलग बीमारियों के कारण हुई थीं। जांच के मुताबिक, खैरी कलां के पांच साल के अमन की मौत जन्मजात गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई।भगवानपुर भैसाही के 25 वर्षीय अनुज कुमार वर्मा की मौत ट्यूबरकुलस मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से हुई। वहीं, नौशहरा के 72 वर्षीय छोटे लाल की मौत लंबे समय से चली आ रही सांस की बीमारी के कारण हुई। सीएमओ के निर्देश पर डॉ. अफरोज और आजाद खान की टीम ने इन गांवों का दौरा किया।खैरी कलां (टपरा) गांव में अमन के परिजनों ने बताया कि वह जन्म से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था।उसका हीमोग्लोबिन बहुत कम था और लगातार इलाज के बावजूद वह पांच साल की उम्र में भी चल नहीं पाता था। कई सालों से सांस की थी दिक्कत जमुनहा के भगवानपुर भैसाही गांव में 25 वर्षीय अनुज कुमार वर्मा की 18 सितंबर को मौत हुई थी। उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, वह ट्यूबरकुलस मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित था।परिजनों ने बताया कि 12 सितंबर से उसे बुखार था और 14 सितंबर से दौरे पड़ रहे थे।उसका इलाज बहराइच के निजी अस्पतालों में चल रहा था,जहां बिटाना हॉस्पिटल में 18 सितंबर को उसकी मौत हो गई। इसी तरह बहरौवा, नौशहरा ग्राम सभा में 72 वर्षीय छोटे लाल की मौत के मामले में परिजनों ने बताया कि उन्हें कई सालों से सांस की दिक्कत थी। वे स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहे थे।आठ सितंबर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी मल्हीपुर ले जाया गया,लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। सीएमओ ने अधिकारियों और डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे मौके पर जाकर और मेडिकल रिकॉर्ड देखकर ही तथ्यों की पुष्टि करें। उन्होंने आशा और एएनएम के माध्यम से संबंधित इलाकों में स्वास्थ्य निगरानी जारी रखने को कहा है। साथ ही, किसी भी स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर तुरंत मेडिकल सेवाएं देने के निर्देश दिए हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखीमपुर में 27 सितंबर को बेटियों के सम्मान में काव्य:मोहन बाजपेई ने दी जानकारी, देशभर के नामचीन कवि-शायर होंगे शामिल
    Next Article
    बदायूं में गणपति बप्पा की विदाई, रंग-गुलाल उड़ाते निकले श्रद्धालु:डीजे की धुन पर थिरकते हुए गंगाघाट पहुंचे भक्त, 200 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment