Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Shaurya Path: Operation Sindoor ने दुनिया को दिखाई Indian Armed Forces की अतुलनीय प्रहार शक्ति, घर में घुसकर मारने में भारत का कोई जवाब नहीं

    3 hours from now

    2

    0

    ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पूरा देश गर्व और आत्मविश्वास के एक नये दौर में खड़ा दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि भारत की उस बदलती हुई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का उद्घोष था जिसमें अब आतंकवाद के हर हमले का जवाब दुश्मन की धरती पर जाकर दिया जाएगा। पहलगाम में निर्दोष नागरिकों के खून से खेल खेलने वाले आतंकियों और उनके पाकिस्तानी आकाओं को भारतीय सेनाओं ने जिस निर्णायक शक्ति से कुचला, उसने पूरी दुनिया को बता दिया कि नया भारत अब सहने के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए तैयार बैठा है।छह और सात मई 2025 की रात शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे साहसी और समन्वित कार्रवाइयों में गिना जा रहा है। भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी अड्डों पर ऐसी सटीक मार की कि जैश, लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकवादी गिरोहों की कमर टूट गयी। सौ से अधिक आतंकवादी, प्रशिक्षक और संचालक मौत के घाट उतार दिये गये। भारत ने यह भी साबित कर दिया कि उसकी लड़ाई किसी मजहब या आम नागरिकों से नहीं, बल्कि आतंकवाद और उसे पालने वाले तंत्र से है। भारतीय सेना ने पूरी कार्रवाई में नागरिकों को नुकसान से बचाने का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।इसे भी पढ़ें: Punjab में धमाकों की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी लेने का दावा कर रही, मगर भगवंत मान को यह BJP की हरकत लग रहीलेकिन पाकिस्तान अपनी फितरत से बाज नहीं आया। भारतीय हमलों के बाद उसने ड्रोन, मिसाइलों और इलेक्ट्रानिक युद्ध प्रणालियों के जरिये पलटवार की कोशिश की। लेह से लेकर सर क्रीक तक भारतीय सीमाओं पर ड्रोन हमलों की बौछार की गयी। साथ ही झूठ और दुष्प्रचार का गंदा अभियान भी चलाया गया ताकि भारतीय जनता और सेना का मनोबल तोड़ा जा सके। मगर पाकिस्तान शायद भूल गया था कि सामने 1965 या 1971 वाला भारत नहीं, बल्कि तकनीक, रणनीति और संकल्प से लैस नया भारत खड़ा है।भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की हर नापाक कोशिश को हवा में ही खत्म कर दिया। आकाश मिसाइल प्रणाली, एस-400 और अन्य अत्याधुनिक रक्षा तंत्रों ने दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को ऐसा सबक सिखाया कि पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था में हड़कंप मच गया। भारतीय सेना ने केवल रक्षा नहीं की, बल्कि जवाबी हमलों में पाकिस्तान के चकलाला, सरगोधा और रहीमयार खान जैसे सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाकर यह साफ कर दिया कि यदि दुश्मन ने आंख उठायी, तो उसके सैन्य ढांचे को जड़ से हिलाने की क्षमता भारत रखता है।रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद विरोधी रणनीति की नयी सीमाएं तय कर दी हैं। एयर कमोडोर गौरव त्रिपाठी ने साफ कहा है कि भविष्य के युद्ध केवल जमीन या आसमान में नहीं, बल्कि साइबर और सूचना युद्ध के मोर्चों पर भी लड़े जाएंगे। पाकिस्तान ने ड्रोन झुंडों और दुष्प्रचार का इस्तेमाल कर भारत को उलझाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेनाओं ने हर मोर्चे पर दुश्मन को परास्त किया। अब भारत ड्रोन रोधी तकनीक, साइबर युद्ध क्षमता और संयुक्त हवाई शक्ति को और मजबूत बना रहा है। यह संकेत साफ है कि अगली बार दुश्मन ने कोई दुस्साहस किया तो जवाब और भी घातक होगा। हम आपको यह भी बता दें कि सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह का बयान पाकिस्तान और भारत विरोधी ताकतों के लिए खुली चेतावनी है। उनका कहना है कि भारत अब रणनीतिक संयम से रणनीतिक सक्रियता की ओर बढ़ चुका है। यानी अब हमला होने के बाद महीनों तक फाइलें नहीं चलेंगी, बल्कि कुछ ही घंटों में दुश्मन की धरती पर विनाश बरसाया जाएगा। भारत यह भी दिखा चुका है कि वह परमाणु धमकियों से डरने वाला नहीं है। पाकिस्तान वर्षों से परमाणु युद्ध का डर दिखाकर आतंकवाद को संरक्षण देता रहा, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने उसकी इस गीदड़भभकी की हवा निकाल दी।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में एक बार फिर साफ शब्दों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारतीय सेना की ताकत का एहसास कराया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने धैर्य दिखाया, केवल आतंकवादियों को निशाना बनाया, अन्यथा दुनिया जानती है कि भारतीय सशस्त्र बल क्या कर सकते हैं। यह बयान अपने आप में एक कड़ी चेतावनी है। भारत ने संयम दिखाया, लेकिन इसका अर्थ कमजोरी नहीं है। यदि देश की सुरक्षा पर दोबारा चोट हुई, तो भारत की प्रतिक्रिया कहीं अधिक व्यापक और विनाशकारी हो सकती है।देखा जाये तो ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें स्वदेशी तकनीक की ताकत खुलकर सामने आयी। आकाश मिसाइल प्रणाली, एकीकृत हवाई कमान नेटवर्क, स्वदेशी ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों ने साबित कर दिया कि आत्मनिर्भर भारत केवल नारा नहीं, बल्कि युद्धक्षेत्र की वास्तविक शक्ति बन चुका है। भारतीय वैज्ञानिकों, अभियंताओं और रक्षा उद्योग ने यह दिखा दिया कि भारत अब विदेशी हथियारों का मोहताज नहीं है। दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की प्रयोगशालाओं में तैयार हो रही तकनीक आने वाले वर्षों में युद्ध का पूरा स्वरूप बदल देगी।भारत ने केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर भी पाकिस्तान को घेरा। व्यापारिक रिश्तों पर रोक, कड़े राजनयिक कदम और सिंधु जल समझौते को स्थगित करने जैसे फैसलों ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद को पालने की कीमत अब पाकिस्तान को हर स्तर पर चुकानी पड़ेगी। दुनिया ने भी इस बार भारत के रुख को आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के रूप में देखा और व्यापक समर्थन दिया। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी कूटनीतिक हार थी।बहरहाल, आज ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य विजय की कहानी नहीं, बल्कि नये भारत की घोषणा है। यह वह भारत है जो दुश्मन की हर चाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह वह भारत है जिसकी सेनाएं आधुनिक तकनीक, अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रभक्ति से लैस हैं। पाकिस्तान समेत भारत के हर दुश्मन को अब यह समझ लेना चाहिए कि यदि भारत की शांति और सुरक्षा को चुनौती दी गयी, तो जवाब इतना तगड़ा होगा कि उसकी गूंज पीढ़ियों तक सुनायी देगी। भारतीय सेनाएं सतर्क हैं, सक्षम हैं और हर मोर्चे पर निर्णायक प्रहार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Bengal नतीजों को Tejashwi Yadav ने बताया 'अविश्वसनीय', बोले- पूरा System BJP के हाथ में है
    Next Article
    Karnataka में नेतृत्व परिवर्तन पर CM Siddaramaiah का बड़ा बयान, बोले- High Command का हर फैसला मानूंगा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment