Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शिवसेना के दोनों गुट साथ आने वाले हैं? 2 नेताओं के बयान से पलटेगी बाजी!

    48 minutes from now

    1

    0

    आज से ठीक चार बरस पहले जून के महीने में ही अंतराष्ट्रीय योग दिवस के दिन एकनाथ शिंदे का नाम पूरे दिन सुर्खियों में छाया रहा। शिंदे के कदम ने शिवसेना के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी सत्तारूढ़ गठबंधन के सियासी भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया। एकनाथ शिंदे और 40 विधायकों की बगावत की वजह से उद्धव ठाकरे की कुर्सी से लेकर पार्टी तक चली गई। लेकिन अब राजनीतिक अटकलें तेज हैं और कहा जा रहा है कि शिवसेना क्या  फिर से जुड़ने जा रही है? क्या उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंद एक बार फिर से एक ही पार्टी में दिखाई देंगे। महाराष्ट्र की राजनीति में यह सवाल अचानक इसलिए उठने लगा है क्योंकि दोनों खेमों के बड़े नेता अब खुलकर एकजुटता की बात करने लगे हैं।  दिलचस्प बात यह है कि जिस बीजेपी के साथ रिश्तों को लेकर शिवसेना में टूट हुई थी, आज उसी बीजेपी को दोनों तरफ के कुछ नेता सबसे बड़ा खतरा बता रहे हैं। इसे भी पढ़ें: क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक और फूट की तैयारी, महाराष्ट्र में अब क्या बड़ा होने वाला है?टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एकनाथ शिंद की शिवसेना के सीनियर नेताओं ने ऐसे संकेत दिए हैं। इशारा इस ओर है कि दोनों गुटों को फिर से एक करने पर विचार होना चाहिए। यह बयान ऐसे वक्त पर आए हैं जब महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी का दबदबा लगातार बढ़ता दिख रहा है। इस चर्चा की शुरुआत हुई शिवसेना यूबीटी नेता अंबादास दानवे और शिंद गुट के वरिष्ठ नेता अब्दुल सत्तार के बयानों से। जब अंबादास दानवे से पूछा गया कि क्या शिवसेना के दोनों गुटों को फिर से एक हो जाना चाहिए? उन्होंने कहा मुझे कई मौकों पर ऐसा लगता है लेकिन सिर्फ मेरे चाह लेने से कोई फायदा नहीं है। यानी उद्धव गुट के अंदर कम से कम कुछ नेता अब खुले तौर पर यह मान रहे हैं कि पार्टी के दोनों हिस्सों को फिर से साथ आने पर विचार करना चाहिए। उधर शिंद गुट के नेता अब्दुल सत्तार ने भी लगभग उसी दिशा में बात की। सत्तार ने कहा एकजुट होने का यही समय है। ऐसे में आप बैकग्राउंड से जुड़ी एक बात समझिए। 2022 में एकनाथ शिंद ने शिवसेना के अंदर बगावत की जिसके साथ ही तब की शिवसेना दो हिस्सों में बट गई। तब की शिवसेना को अविभाजित शिवसेना भी कहा जा सकता है। इसके बाद दोनों गुट जो बने थे वहां पर दोनों गुट अदालत से लेकर चुनाव आयोग तक लड़ते रहे। इसे भी पढ़ें: 'सबसे बड़ी Party को मिले मौका', Omar Abdullah ने Actor Vijay के बहाने Supreme Court के निर्देश याद दिलाएपार्टी का नाम, चुनाव चिन्ह, संगठन और राजनीतिक विरासत हर चीज के लिए टकराव और संघर्ष हुआ। ऐसे में आज अगर दोनों तरफ के नेता यूनिटी या एकता की बात कर रहे हैं तो ये अपने आप में बड़ी पॉलिटिकल मैसेजिंग मानी जा रही है। खासकर जब शिंद सेना के सीनियर नेता इस टाइमिंग को एकदम सही बताते हैं। अंबादास दानवे का साफ कहना है कि बीजेपी धीरे-धीरे अपने सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है। दानवे कहते हैं बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है। बीजेपी भी एनसीपी और शिवसेना के साथ यही कर रही है। यह उनका दावा है। आगे उन्होंने दावा किया बीजेपी का मकसद शिवसेना को खत्म करना है क्योंकि वह इस पार्टी को सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि अपना दुश्मन मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कभी अविभाजित शिवसेना छोड़कर अलग हुए थे उन्हें अब शायद इस बात का एहसास हो रहा होगा। इसे भी पढ़ें: Maharashtra Weather: खराब मौसम में फंसा Dy CM Shinde का Helicopter, Juhu में कराई गई Safe Landing उधर अब्दुल सत्तार जो शिंदे की शिवसेना के नेता हैं उन्होंने भी बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा अगर हमारा बड़ा भाई ही हमें खत्म कर रहा है तो फिर एकता की बात करने में क्या गलत है? क्या हर्ज है? ध्यान दीजिए। यहां बड़ा भाई शब्द का प्रयोग किया गया। अंग्रेजी में इसे कहा जाता है बिग ब्रदर एटीट्यूड। यानी वो पक्ष जो ज्यादा मजबूत है और अपने करीबी छोटे पक्ष पर धस जमा रहा हो। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    सौरभ भारद्वाज ने Delhi Govt पर साधा निशाना: मालवीय नगर में 21 मौतें लापरवाही का नतीजा
    Next Article
    क्या देश का Gold बेचा जा रहा है? Rupee संकट पर Kejriwal ने Modi Govt से पूछा सवाल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment