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    टीचर के टॉर्चर से तंग आकर छात्रा ने किया सुसाइड:बोली- मैं जिंदा लाश बन गई हूं, मुझसे जिया नहीं जाएगा

    18 hours ago

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    पनकी में टीचरों की प्रताड़ना से तंग आकर 10वीं की छात्रा ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मां ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा, जिस पर भाई उसके कमरे में पहुंचा तो छात्रा फंदे से लटकती मिली। सुसाइड करने से पहले छात्रा ने अपने साथियों को वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी, जिसमें उसने कहा कि मेरे से जिया नहीं जाएगा… मैं एक जिंदा लाश बनकर रह गई हूं… अब मुझे जीने की इच्छा नहीं है… उसने अपने भाई से कहा था कि मुझे बहुत डर लगता है, मां इतना मुझ पर पैसा खर्च कर रही है, कहीं उनका पैसा बर्बाद न हो जाए। हाईस्कूल में आए थे 92 प्रतिशत नंबर रतनपुर शिवालिका भवन निवासी वैशाली सिंह (16) अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय–1 में 10 वीं की छात्रा थी। हाल ही में CBSE बोर्ड के रिजल्ट में उसने 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिवार में मां काजल व भाई प्रिंस है, जबकि पिता वीरेंद्र सिंह की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। जिसके बाद काजल एक कपड़े के शोरूम में काम कर बच्चों का पालन पोषण कर रही थीं। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे काजल ने बेटी को फोन किया, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाई। इस पर उन्होंने बेटे को प्रिंस को फोन कर वैशाली से बात कराने को कहा, प्रिंस पहली मंजिल पर स्थित वैशाली के कमरे में पहुंचा तो उसका शव फंदे से लटकता मिला। जानकारी पर परिजन और पनकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जांच पड़ताल में वैशाली के मोबाइल से पुलिस को कुछ वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी थी। भाई बोला- मुझसे तुलना कर करते थे परेशान भाई प्रिंस ने बताया कि वह केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र था, नंबर अच्छे नहीं आते थे, 11 अक्टूबर 2024 को पिता की मौत के बाद पढ़ाई छोड़ दी। प्रिंस के मुताबिक पढ़ाई छोड़ने के बाद स्कूल के टीचरों ने मुझसे तुलना करते हुए, मेरी बहन को टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। वह अक्सर कहते थे कि तुम प्रिंस की बहन हो, उसी की तरह शैतानी करती हो, तुम्हारे भी नंबर अच्छे नहीं आएंगे। जिससे वह परेशान रहने लगी थी, वह घर में आती और मां से खूब रोती थी। मां ने उसे बहुत समझाया कि मन लगाकर पढ़ो और अपने को साबित करो, जिसके बाद वह खूब पढ़ने लगी थी। वह कहती थी कि, जिन टीचरों ने उसे गलत बोला उनको साबित करना है। 10वीं में उसके टेस्ट में अच्छे मार्क्स आने लगे थे, टीचरों के हैरेसमेंट के कारण वह बहुत तनाव में रहने लगी थी, उसने हंसना, बोलना बंद कर दिया था। उसके दिमाग में दो तीन दिन से सुसाइड करने के विचार आ रहे थे। जिसके बाद उसने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।
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