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    तीन बच्चे पैदा करने का कोई औचित्य नहीं:मोहन भागवत के बयान पर मौलाना बोले- महंगाई में परवरिश मुश्किल, आबादी के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाते

    7 hours ago

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    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को गंभीर समस्या बताया है। उन्होंने कहा- इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी समाजों को मिलकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। बढ़ती आबादी का दबाव संसाधनों पर साफ दिखाई दे रहा है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। मौलाना ने मोहन भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था- घटती जनसंख्या की चिंता जताने के बजाय देश की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है। बढ़ती आबादी आज देश की बड़ी चुनौती बन चुकी है। भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत 17 और 18 फरवरी को लखनऊ प्रवास पर हैं। मंगलवार को करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में मोहन भागवत ने सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर बैठक की थी। जिसमें उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के जवाब दिए। मोहन भागवत ने समाज को जातियों में बांटने और बंटने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा- हमें जाति के चक्कर में नहीं पड़ना है। ये जाति ऐसी चीज है, जिसे हम कई दशकों से समाप्त करने में लगे हैं। लेकिन ये जाति है कि जाती नहीं है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या से भविष्य खतरे में आगे उन्होंने कहा- अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है। भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। मोहन भागवत के बयान पर रजवी का पलटवार मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- भारत की आबादी तेजी से बढ़ी है और दुनिया में जनसंख्या के लिहाज से दूसरे नंबर पर है। जब किसी देश या परिवार में जनसंख्या ज्यादा होती है तो आर्थिक तंगी आ जाती है। जहां तक RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की बात है, वह अक्सर कहते हैं कि हिंदू तीन बच्चे पैदा करें। वहीं साध्वी प्राची जैसे लोग भी बड़े-बड़े दावे करते हैं। इन बातों का आज के दौर में कोई औचित्य नहीं है। आज महंगाई इतनी है कि खुद मुसलमान भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करना चाहता। बच्चे की पढ़ाई-लिखाई, तालीम-तरबियत, निकाह और रोजगार सब कुछ महंगा हो चुका है। एक बच्चे को अच्छे स्कूल में पढ़ाना भी चुनौती बन गया है। अधिक बच्चे पैदा करना अब व्यावहारिक नहीं रह गया, क्योंकि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी करना ही बड़ा संघर्ष बन चुका है। सिर्फ मुसलमानों पर 12-12 बच्चे और चार-चार बीवियों का आरोप लगाया जाता है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि पूरे भारत में ऐसा उदाहरण दिखाना मुश्किल है। आबादी के नाम पर अक्सर मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है, जो सही नहीं है। यह केवल मुसलमानों को टारगेट करने की मानसिकता है। बच्चे अल्लाह की रहमत हैं और किसी को भी अपने हालात के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है। लेकिन देशहित में जनसंख्या पर संतुलित सोच जरूरी है। ……………. ये खबर भी पढ़ें… भाजयुमो के पूर्व उपाध्यक्ष पर चाकू से हमला, VIDEO:कानपुर में आरोपियों ने पीठ में मारी गोली, बजरंगदल का पूर्व नगर संयोजक अरेस्ट कानपुर में पुरानी रंजिश में भाजयुमों के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पर चाकू से ताबड़तोड़ 7 से अधिक वार किए। इसके बाद गोली मर दी गई। मरा समझकर सभी आरोपी भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हैलेट में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर बनी है। पढ़िए पूरी खबर
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