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    दुबई में छिपे आकिब सहित तीन के खिलाफ लुकआउट नोटिस:AK-47 और ग्रेनेड दिखाकर करता था प्रभावित, आतंकी घटनाओं के लिए ब्रेनवॉश कर

    3 hours ago

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    सऊदी अरब में रह रहा बिजनौर का आकिब आतंक का संगठित नेटवर्क तैयार करने में जुटा था। वह सोशल मीडिया पर AK-47 और ग्रेनेड दिखाकर युवाओं को प्रभावित करता था। उसकी मंशा देश में बड़े आपराधिक एवं देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की थी। यहां तक कि जब आतंकी गतिविधियों में शामिल इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और आकिब से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी शुरू हुई, तो दुबई में रह रहे आजाद ने उबैद मलिक को नेपाल भागने की सलाह दी थी। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि शुक्रवार को दुबई में रह रहे आकिब, आजाद और दक्षिण अफ्रीका में रह रहे मैजुल की गिरफ्तारी को लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। आकिब के सोशल पोस्ट से खुला आतंक का नेटवर्क एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो संज्ञान में आया था। इस वीडियो में बिजनौर के आकिब नाम का एक युवक AK-47 और ग्रेनेड जैसे खतरनाक शस्त्रों का प्रदर्शन कर रहा था। यह वीडियो बिजनौर के ही मैजुल ने अपनी प्रोफाइल पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में मेरठ के आजाद व उबैद भी दिख रहे थे। इस पोस्ट के सामने आने के बाद बिजनौर के नांगल थाने में 23 नवंबर 2025 को एक एफआईआर दर्ज की गई। इसमें मैजुल और आकिब खान को नामजद किया गया, जबकि अन्य को अज्ञात में दर्शाया गया था। पुलिस ने क्लीनचिट देकर लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही तत्कालीन एसएचओ सत्येंद्र सिंह मलिक की सामने आई। उन्होंने इतने संवेदनशील मामले की गहन जांच नहीं की। उन्होंने आकिब और मैजुल से वीडियो कॉल पर बात की। दोनों ने पुलिस को बताया कि AK-47 जैसा दिखने वाला हथियार खिलौना है और ग्रेनेड परफ्यूम की बोतल है। एसएचओ ने उनकी बात को सच मानकर क्लीनचिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। आगजनी के बाद खुला मामला, एनआईए की रडार पर आया नेटवर्क यह मामला दब जाता, लेकिन इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने 4 मार्च 2026 को बिजनौर में एक हिंदू व्यक्ति के पिकअप वाहन में आग लगा दी। इसके बाद इसका वीडियो टेलीग्राम पर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजा गया। यहीं से यह ग्रुप एनआईए की रडार पर आया। एनआईए के इनपुट पर एटीएस की कार्रवाई एनआईए से मिले इनपुट के आधार पर लखनऊ एटीएस ने 2 अप्रैल की रात लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास से मेरठ जिले के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, नोएडा के विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग रेलवे सिग्नल बॉक्स में ब्लास्ट कर ट्रेनों की टक्कर कराना चाहते थे। इसके अलावा यूपी और दिल्ली में कई जगहों की रेकी आगजनी और ब्लास्ट के लिए की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड साकिब है, जो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। इसके बाद आकिब खान से जुड़े पुराने मामले को फिर से खोला गया। साकिब ने आकिब को दे रखी थी युवाओं को बरगलाने की जिम्मेदारी एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि आकिब के माध्यम से साकिब आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहा था। आकिब दुबई में रह रहा है, जिससे उसे गिरफ्तारी का डर कम था। सोशल पोस्ट में आकिब के साथ मैजुल, आजाद और उबैद मलिक भी दिखे थे। इनमें मैजुल दक्षिण अफ्रीका में सैलून चलाता है, जबकि आकिब और आजाद सऊदी अरब में ड्राइवर हैं। पुलिस ने उबैद मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। नौकरी की तलाश में गुजरात गया उबैद, वहीं जुड़ा आतंकी नेटवर्क से पूछताछ में उबैद ने बताया कि वह तीन साल पहले रोजगार की तलाश में गुजरात गया था। वहां उसकी मुलाकात जलाल हैदर उर्फ समीर से हुई। समीर के जरिए वह मैजुल और आकिब के संपर्क में आया। पुलिस ने जलाल हैदर उर्फ समीर जाफरी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आकिब के संपर्क में लाते थे और उसके विचारों का प्रचार-प्रसार करते थे। इंस्टाग्राम लाइव पर कट्टरपंथी विचारों का प्रसार आकिब इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से कट्टरपंथी और भड़काऊ विचार फैलाता था। वह युवकों को हिंसात्मक गतिविधियों, जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और आगजनी के लिए उकसाता था। साथ ही विरोध करने वालों को धमकाकर अपने नेटवर्क का विस्तार करता था। नेपाल भागने की तैयारी में था उबैद एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मेरठ में आकिब से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद दुबई में बैठे आजाद ने उबैद मलिक को पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की सलाह दी थी। इसकी पुष्टि करने वाले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को मिल चुके हैं। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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